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Monday, November 4, 2024

MADHEPURA/रामचंद्र मेहता हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार: मधेपुरा में जमीन विवाद में हुई हत्या, 2 साल पहले बड़े बेटे का भी हुआ था मर्डर


रामचंद्र मेहता हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार: मधेपुरा में जमीन विवाद में हुई हत्या, 2 साल पहले बड़े बेटे का भी हुआ था मर्डर

मधेपुरा के आलमनगर थाना क्षेत्र के भागीपुर में हुए रामचंद्र मेहता हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। वहीं शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इसकी जानकारी उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने दी।

उन्होंने बताया कि एक नवंबर की रात करीब 11.30 बजे आलमनगर थाना क्षेत्र के भागीपुर गांव में रामचंद्र मेहता (60) की सोए अवस्था में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी किरण देवी के आवेदन पर थाना में मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मेरे नेतृत्व में एक टीम का गठन किया।

गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल आरोपी संजीव कुमार मेहता और उसके पिता अवधेश मेहता को भागीपुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

11 कट्ठा जमीन को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक हत्या का कारण जमीन विवाद था। मृतक के दादा सरयुग मेहता ने 11 कट्ठा जमीन रामचंद्र मेहता को लिख दिया था। इस जमीन में हिस्सा को लेकर रामचंद्र मेहता को अपने सगे भाई कैलाश मेहता से विवाद चल रहा था। दो साल पूर्व इसको लेकर गांव के पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत के दौरान ही कैलाश मेहता और रामचंद्र मेहता के बीच विवाद हो गया।

बेटे की हत्या का केस नहीं उठाने पर किया हत्या

कैलाश मेहता के बड़े बेटे नीतीश कुमार ने पंचायत में बैठे लोगों के सामने ही रामचंद्र मेहता के छोटे बेटे सौरभ कुमार की लोहे की रॉड से सिर पर मारकर जख्मी कर दिया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसमें कैलाश मेहता के बेटे नीतीश कुमार को हाल ही में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा होने से पहले वे लोग केस में मेल-मिलाप का दबाव बना रहे थे। मेल नहीं करने पर उन लोगों ने एक नवंबर की रात रामचंद्र मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी।