बता दें कि बिहार के कई जिलों में बाढ़ की वजह से बड़ा नुकसान हुआ है. बाढ़ पीड़ितों को राहत देते हुए तीन महीने बाद फिर से भूमि सर्वेक्षण का काम शुरू होगा. मंत्री ने यह भी कहा कि भूमि सर्वे कार्य को ईमानदारी से पूरा किया जाएगा. किसी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
रैयतों की समस्या के समाधान के लिए सर्वे की अवधि तीन महीने बढ़ाई गई है. अगर जरूरत पड़ी तो आगे और तीन महीने का समय बढ़ा दिया गया है. इस बीच 60 प्रतिशत लोग अपना काम करवा लेंगे, जो छूट जाएंगे, उनके .हां पदाधिकारी भेजकर सर्वे का कागज जमा कराया जाएगा.
बता दें कि राजस्व विभाग ने जमीन मालिकों से जमीन के कागजात जमा करने को कहा है. सर्वे टीम हर घर जाकर लोगों से जमीन के बंटवारे, वंशावली और एक खास तरह का घोषणा पत्र भरकर देने को कही रही है. जमीन के कागजात जिंदा मालिक के नाम से ही जमा होंगे. सर्वे टीम खुद हर घर जाकर नक्शा मिलाएगी. जिन चार कागजातों की जरूरत है, उसमें जमीन की रजिस्ट्री के कागजात, वसीयत के कागजात, जमीन का राजस्व रसीद और खतियान की कॉपी शामिल हैं.
