जिले के बसनही का इलाका झारखंड के जामताड़ा की तरह ही साइबर अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। बीते कुछ सालों के दौरान न सिर्फ सहरसा पुलिस बल्कि अन्य जिलों में भी पुलिस के द्वारा बसनही व आसपास के इलाके से जुड़े अपराधियों को साइबर अपराध की कांडो में गिरफ्तार किया गया है।
सहरसा जिले से जुड़े साइबर अपराधियों की बढ़ती संख्या आने वाले समय में पुलिस के लिए काफी चुनौती बढा सकता है। कुछ महीने पूर्व कटिहार पुलिस द्वारा साइबर अपराध करने वाले सिमरीबख्तियारपुर थाना क्षेत्र के हरिओ निवासी नीतीश कुमार, सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के सोहा निवासी बलराम कुमार,बनगांव थाना क्षेत्र के बसौना निवासी रौशन कुमार, सिमरीबख्तियारपुर थाना क्षेत्र के हरिओ निवासी आशीष कुमार और सलखुआ थाना क्षेत्र के परसबन्नी निवासी चंदन कुमार शामिल था। हरियाणा के यमुना नगर साइबर थाना पुलिस में प्रीति जोहर से कोरियर ट्रेकिंग के माध्यम से साइबर अपराधियों ने पहले पांच रुपये रिचार्ज करने कहा था।फिर कुरियर के ट्रेकिंग संबंधित जानकारी देने की बात कही। जैसे ही उसने पांच रुपये का रिचार्ज किया, वैसे ही थोड़े थोड़े समय के अंतराल में उसके बैंक खाते से फर्जीवाड़ा कर करीब पांच लाख रुपये निकासी कर लिया गया।हरियाणा पुलिस ने जांच शुरू कर संजीत कुमार को गिरफ्तार किया।जिसने पूछताछ करने पर सहरसा के नीतीश का नाम बताया जो कटिहार में रहकर साइबर ठगी को अंजाम देता है।चेहरा देख कर आकलन करता है दिलखुश :मार्च महीने में कासनगर पुलिस ने बसनही थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव निवासी रविराज कुमार उर्फ दिलखुश मेहता, माणिकचंद कुमार और पंकज कुमार को चार मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड, तीन पासबुक, तीन चार चक्का वाहन, दूसरे के नाम से रजिस्टर्ड पांच मोबाइल सीम और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया था । गिरफ्तार रविराज इतना शातिर है कि वह लोगों के चेहरे देख कर आकलन करता है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि महादेव एपप के माध्यम से आनलाइन गेमिंग लिंक बनाकर मासुम लोगों को आनलाइन शिकार बनाया जाता है। टेलीग्राम और व्हाट्सएप्प ग्रुप से लोगों को जोड़ा जाता है। उनका सारा डिटेल ले लिया जाता है। शुरुआत में कुछ फायदा दिखा कर जब बाद में लालच के कारण बड़ी राशि इंवेस्ट करते हैं तब साइबर अपराधियों द्वारा सारा पैसा उड़ा लिया जाता है। लोगो को कुछ रूपया का लालच देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल किया जाता है। फिर उसी खाते में रूपया मंगाकर रूपया निकासी कर लिया जाता है। कर्नाटक, इंडसलैंड, फेडरल बैंक आदि में खाता खुलवाया जाता है। छानबीन के दौरान अलग-अलग बैंक खातों में एक महीने के दौरान करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला।2022 में भी कई गिरफ्तारी: बीते 2022 में सहरसा पुलिस ने आनलाइन गेम के नाम पर ठगी करने के एक मामले का बड़ा खुलासा किया था। कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। ठगी का यह पूरा खेल दिल्ली में बैठे शख्स के माध्यम से खेली जा रही थी। तत्कालीन एसपी लिपि सिंह के निर्देश पर बसनही थाना पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया था। पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग लिंक बनाकर ऑनलाइन गेम खेलने के लिए लोगों को जोड़ने और इसके माध्यम से बैंक खातों से रूपया ट्रान्सफर करने वाले बसनही थाना क्षेत्र के जमुनिया निवासी रवि राज उर्फ दिलखुश कुमार, मिथिलेश कुमार कासनगर निवासी पुलपुल कुमार, बलवाहाट ओपी क्षेत्र के मदनपुर निवासी अभिषेक कुमार, पतरघाट ओपी क्षेत्र के पामा निवासी पुनीत कुमार, मुरलीगंज थाना क्षेत्र के रहटा निवासी रोशन कुमार, बंधा निवासी रितेश कुमार को गिरफ्तार किया था। सभी के खिलाफ अवैध तरीके से ऑनलाइन किसी भी प्रकार का लिंक बनाकर लोगों को जोड़ने एवं उनसे पैसे का भुगतान कराने, ऑनलाइन कसीनो गेम खेलना, अंजान फर्जी अकाउंट पर पैसे का लेन देन करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज किया गया था।तकनीकी अनुसंधान से हुआ था खुलासा: साइबर ठगी करने वाले लोगों को गिरफ्तार करने के बाद तकनीकी टीम द्वारा पूरे अनुसंधान कर पूरे गिरोह का खुलासा किया गया। छानबीन में पता चला कि सभी व्यक्ति वेटभाई नाइन डॉटकॉम व अन्य ऐसे ही कुछ अवैध ऑनलाइन लिंक बनाकर ऑनलाइन गेम खेलने के लिए लोगों को जोड़ते हैं। उनका यूजर आईडी बनाकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर किसी बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करते हैं। गेम खेलने वालों का यूजर आईडी बनाकर उससे पैसे बताए गए अकाउंट पर मंगाते हैं। गिरोह के सीनियर दीपक कुमार द्वारा लोकल स्तर पर नियुक्त प्रशिक्षित एवं रहने का प्रबंध किया जाता है। उसके दिशा निर्देश पर काम करना होता है। सभी यूजर आईडी बनाने के लिए कस्टमर का डिटेल नई दिल्ली के रहने वाले ऑफिस हेड अक्की भाई से प्राप्त होता है।पुलिस ने मामले में दीपक कुमार व अक्की भाई के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज किया था कार्रवाई में कई लैपटॉप, मोबाइल फोन सहित अन्य सामानों की बरामदगी किया था।
