सोमवार को पीड़िता ने थाने में आवेदन दिया, जिसके बाद उसे मेडिकल के लिए सदर अस्पताल लाया गया।
सहरसा में एक 14 साल की नाबालिग के साथ चलती कार में गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बताया कि उसे युवकों ने पहले पास बुलाया फिर धमकी देकर जबरन गाड़ी में बैठाया। उसके बाद गलत काम करने लगे। लड़की के चीखने-चिल्लाने की आवाज बाहर ना जाए, इसलिए कार के शीशे लॉक कर दिए और तेज आवाज में म्यूजिक चला दिया।
वारदात 14 सितंबर की है, जब लड़की बकरी चराकर लौट रही थी। डर से लड़की 2 दिन चुप रही। सोमवार को उसने अपनी चाची को सारी बात बताई। जिसके बाद पीड़िता ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने लड़की को मेडिकल केलिए सदर अस्पताल भेजा और तफ्तीश में जुट गई है।
पीड़ित लड़की भी सदर थाना क्षेत्र की ही रहने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि वह 14 सितंबर की शाम में कहरा कुटी केपास बकरी चरा कर लौट रही थी। उसीदौरान दो लड़कों ने बुलाया । मैं वहां चली गयी। उसके बाद उसने कार में बैठने के लिए। उसने बताया कि उसके विरोध करने पर आरोपियों ने उसे गोली मारने की भी धमकी दी।
मना करने पर जबरदस्ती मुझे गाड़ी में खींच लिया और बरियाही बाजार के आसपास ले जाकर मेरे साथ गाड़ी में ही गलत काम किया। पीड़िता ने बताया कि वह दोनों आरोपियों को पहचानती है इसमें एक का नाम बिट्टू और दूसरे का नाम अंकुश है।
बंदूक दिखा कर गाड़ी में बैठाया- चाची
पीड़िता की चाची ने बताया कि रविवार की शाम करीब चार बजे वो घर से बकरी चराने के लिए निकली थी। जहां से वो करीब पांच बजे घर लौट रही थी। उसी समय कार पर सवार तीन लड़कों में से दो ने उसे बुलाया। फिर उसे बंदकू दिखाकर कार में बिठा लिया।
लड़कों ने मेरी भतीजी को धमकी दी था कि अगर घटना के बारे में किसी को बताई तो तुम्हें और तुम्हारे पूरे खानदान को जान से मार देंगे। पीड़िता की चाची ने बताया कि सोमवर की दोपहर को उसने पूरे मामले की जानकारी मुझे दी। उन्होंने बताया कि जब 14 सितंबर को पीड़िता घर देर से आई तो माता-पिता ने उससे देरी को लेकर पूछा भी था। वो डर से चुप रही। जिस पर उन्होंने उसकी पिटाई कर दी थी।