यह खुलासा नालंदा में साक्षमता परीक्षा के लिए आवेदन करने के दौरान हुआ, जहां सीटीईटी और एसटीईटी प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि इन शिक्षकों ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी।
सभी टीचरों पर होगी विभागीय कार्रवाई
बता दें कि इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग ने इन सभी शिक्षकों पर कार्रवाई की है और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। विभाग ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर काम कर रहे अन्य शिक्षकों की भी जांच करें। इसके अलावा, यह भी बताया जा रहा है कि जल्द ही अन्य जिलों में भी इसी तरह की जांच शुरू की जाएगी।
कई फर्जी दस्तावेज हुए बरामद
इस फर्जीवाड़े के खुलासे से शिक्षा विभाग और स्कूलों में हड़कंप मच गया है। कई फर्जी दस्तावेजों के हाथ लगने के बाद ये साफ जाहिर होता है कि कई लोग फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर वर्षों से नौकरी कर रहे थे। शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और सुनिश्चित किया है कि आगे से ऐसी गड़बड़ियों को रोका जा सके। अन्य जिलों में भी निरीक्षण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी, ताकि पूरे राज्य में इस तरह के फर्जीवाड़े पर कड़ी नजर रखी जा सके।
