मधेपुरा में गेम खेलने की लत में एक युवक ने खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। हालांकि पुलिस ने महज चार घंटे के अंदर इस साजिश का खुलासा करते हुए युवक को बरामद कर लिया। दरअसल परमारनंदपुर थाना क्षेत्र के गोठ बरदाहा वार्ड दो निवासी अमरेंद्र यादव का बेटा रौशन कुमार मोबाइल पर गेम खेलते हुए 7 हजार रुपए हार गए थे।
जिसके बाद वह तीन अगस्त को शाम में लगभग छह बजे घर से बाजार के लिए निकला। लेकिन देर रात तक वह वापस घर नहीं लौटा। रात में उनके पिता के मोबाइल पर फोन आया कि 10 हजार रुपये भेजें तभी रौशन से बात होगी। उनके पिता ने इसकी सूचना परमानंदपुर थाना को दी।
एसपी के निर्देशन में एएसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जिसमें सदर थानाध्यक्ष विमलेन्दु कुमार, परमानंदपुर थानाध्यक्ष रंजन कुमार एवं तकनीकी शाखा को शामिल किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए रौशन कुमार को सहरसा शहरी क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।
पिता से पैसे की मांग को लेकर रची साजिश
पूछताछ में पता चला कि रौशन कुमार मोबाइल पर गेम खेलते हुए 7 हजार रुपए हार गए थे और अपने पिता से पैसे की मांग करने के लिए यह सब रची रचाई खेल किया था। अपनी गलती को स्वीकार करने के बाद उसे सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में पुलिस ने बताया कि रौशन ने अपने पिता से पैसे मांगने के लिए यह साजिश रची थी। उसने अपनी गलती को स्वीकार किया और कहा कि वह गेम की लत से परेशान हो गया था।
