पुर्णिया में तनिष्क शोरूम में लूट की घटना के बाद सहरसा जिले में भी ज्वेलरी दुकान के आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिले के सभी थाना क्षेत्र में पुलिस ज्वेलरी दुकान के पास वाहन जांच और सुरक्षा को लेकर अन्य उपाय करते नजर आई।
वहीं, दुकानदारों से उनका मोबाइल नंबर, स्टाफ की जानकारी ली गई।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही अंतर्राज्यीय सोना लुटेरा गैंग का सरगना समस्तीपुर निवासी मोस्ट वांटेड दो लाख का इनामी अपराधी विकास झा और मनीष महतो उर्फ मनिया सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया था। ये लोग सहरसा मधेपुरा मुख्य मार्ग स्थित तनिष्क और दहलान चौक स्थित दहलान ज्वेलर्स की रेकी कर घटना को अंजाम देने वाले थे। बीते आठ जुलाई को कुख्यात शराब माफिया गोविंद सिंह और अंतर्राज्यीय सोना लुटेरा गैंग का सरगना विकास झा और मनीष महतो तथा उनके सहयोगियों को सहरसा जिले की प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकान में लूटपाट की साजिश रचने के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया गया था। आठ जुलाई को जिला आसूचना ईकाई और एसटीएफ पटना के जरिए सूचना मिली थी कि सहरसा निवासी गोविंद सिंह जो शराब कारोबारी और कुख्यात अपराधी है।
चर्चित अंतर्राज्यीय सोना लुटेरा गिरोह का सरगना विकास झा, समस्तीपुर जिला का मोस्ट वांटेड एवं ईनामी अपराधी मनीष कुमार उर्फ मनिया और उसके अन्य कई सहयोगियों के साथ मिलकर सहरसा के किसी बड़ी ज्वेलरी शॉप को लूटने वाले हैं। अभी भी गोविंद सिंह अपनी स्वीफ्ट कार से तनिष्क शोरूम के आसपास रेकी कर रहा है। जिला आसूचना ईकाई सहरसा की टीम और एसटीएफ पटना की टीम के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई कर पहले गोविंद सिंह को उसके कार के साथ तनिष्क शो रूम के पास से हिरासत में लिया गया था। उसके बाद उसकी निशानदेही पर पूरब बाजार स्थित होटल से चर्चित अपराधी विकास झा और मनीष कुमार उर्फ मनिया के साथ एक अन्य व्यक्ति आशुतोष कुमार झा को दो देशी पिस्तौल, एक देशी कट्टा और कुल 14 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। जबकि इनके दो सहयोगी भाग गए थे।
गिरफ्तार सभी कुख्यात अपराधियों से पूछताछ और उनके पास से बरामद मोबाइल के विश्लेषण से यह पता चला था कि इन लोगों का गैंग पिछले तीन महीने से निजी डेरे पर रह रहे थे। यह डेरा विकास झा ने नीरज कुमार झा के नाम का नकली आधार कार्ड बना कर गोविंद सिंह और सहरसा बस्ती निवासी एक अन्य व्यक्ति मो. जावेद के सहयोग से हासिल किया था। साथ ही सहरसा की मशहूर ज्वेलरी दुकान दहलान की घूम-घूम कर और गूगल मैप के जरिए रेकी कर ली गई थी। दूसरे दिन ये लोग घटना को अंजाम देने वाले थे। रेकी करने और शहर में घूमने-फिरने के लिए ये लोग गोविंद सिंह और मो. जावेद की थार गाड़ी का ही इस्तेमाल करते थे। समय रहते पुलिस की तत्परता से इन लोगों को पकड़ लिए जाने से एक बड़ी घटना को टाला जा सका था।
जानकारी के मुताबिक, ये सभी आरोपी बिहार और अन्य राज्यों की कई जगहों पर वांटेड थे तथा ज्वेलरी दुकान, ज्वेलरी बैंक में सोना लूट के संगठित अपराध में संलिप्त हैं। पकड़े गए आरोपियों में विकास झा इससे पहले बिहार और अन्य राज्यों की कई चर्चित घटनाओं जैसे हाजीपुर मुथुट फाइनेंस, बेगुसराय ज्वेलरी शॉप लूट, बंगाल में हुई एक बड़ी चोरी सहित कई मामलों का आरोपी था। जबकि मनीष कुमार उर्फ मनिया इन सभी घटनाओं सहित समस्तीपुर में एक डबल मर्डर केस में दो लाख का इनामी था।
