Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR/अजनबी पर भरोसा-जिस्म का सौदा, रेड लाइट एरिया. कस्टमर ने महिला को कैसे बचाया; कहानी फिल्मी नहीं हकीकत है ये - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Wednesday, July 31, 2024

BIHAR/अजनबी पर भरोसा-जिस्म का सौदा, रेड लाइट एरिया. कस्टमर ने महिला को कैसे बचाया; कहानी फिल्मी नहीं हकीकत है ये


पूर्णिया से मानव तस्करी की खौफनाक कहानी सामने आई है. देह व्यापार के दलदल में फंसी एक महिला को पुलिस ने मुक्त करवाया है. बताया जा रहा है कि कटिहार मोड़ स्थित रेड लाइट एरिया में कोलकाता की एक महिला से जबरन पिछले तीन महीने से देह व्यापार का धंधा करवाया जा रहा था.



इसकी सूचना जब महिला के पति को लगी तो वो कोलकाता पुलिस के साथ पूर्णिया पहुंचा. यहां पूर्णिया पुलिस से उसने मदद मांगी. फिर अपनी पत्नी को रेड लाइट एरिया से रेस्क्यू करवा घर ले गया.

पीड़ित पति ने बताया कि वह बेगूसराय जिले के बरौनी थाना क्षेत्र का रहने वाला है. वर्तमान में कोलकाता में प्राइवेट नौकरी करता है. तीन महीने पहले पति पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ. जिसके बाद पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से निकल गई. ड्यूटी से आने के बाद पति ने तीनों को काफी ढूंढने का प्रयास किया. मगर वो नहीं मिले. तब हुगली के टाउन थाना में तीनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई.

पति ने बताया कि वो खुद भी तीन महीने से लगातार वह अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को ढूंढ रहा था. तभी उसके मोबाइल पर अचानक एक शख्स का फोन आया. उसने बताया कि उसकी पत्नी बिहार के पूर्णिया स्थित रेल लाइट एरिया में है. यह सुनते ही पति के पैरों तले जमीन खिसक गई. उस व्यक्ति ने रोते हुए पीड़िता की तस्वीर भी भेजी. फोटो देखकर पति ने अपनी पत्नी को पहचान लिया.

पति पहुंचा पूर्णिया

वो सीधे पूर्णिया आया. उस व्यक्ति से मिला, जिसने उसे यह जानकारी दी थी. व्यक्ति ने उसे कटिहार मोड़ पर रेडलाइट एरिया स्थित उस घर को दिखाया, जहां उसकी पत्नी थी. साथ ही जान का खतरा की बताकर अकेले जाने से भी मना कर दिया. पीड़ित पति ने पूर्णिया के एसपी कार्यालय जाकर उन्हें सारी बात बताने का फैसला लिया. काफी देर तक एसपी नहीं मिले तो उसने डीआईजी से मदद मांगी. डीआईजी की पहल पर युवक को सदर थाना भेजा गया. युवक ने थाना जाकर थानाध्यक्ष राजीव कुमार लाल को पूरी बात बताई. मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने महिला को रेस्क्यू करने के लिए तुरंत एक टीम बनाई, जिसमें महिला थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी को भी शामिल किया गया. इसके बाद चिन्हित घर पर दबिश दी गई.

रेडलाइट एरिया में पुलिस की गाड़ी घुसते ही अफरातफरी मच गई. सभी संचालिका और सेक्सवर्कर इधर उधर भागने लगीं. वहीं पहले से बाहर खड़ी चकला घर संचालिका मधु पुलिस को देख हल्ला करते हुए भाग निकली. उसके घर के सभी सेक्सवर्कर भी इधर उधर भागने लगीं. इसी भीड़ में अपनी पत्नी को भागते देख पति ने उसकी पहचान की, जिसके बाद उसे सकुशल रेस्क्यू करा लिया गया. लेकिन संचालिका मधु और उसका पति मो. कुदरत पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा.

महिला ने सुनाई आपबीती

पीड़ित महिला ने बताया कि उसका मायके बिहार के सीतामढ़ी में है. पति से झगड़ा करने के बाद वह अपने दो बच्चों के साथ स्टेशन आ गई. वहां हाटे बजारे ट्रेन में बैठ गई.उसे परेशान देख एक शख्स ने परेशानी का कारण पूछा, जिसके बाद उसने उसे सारी बात बता दी. महिला ने बताया- ट्रेन में सफर कर रहे व्यक्ति ने उसे एक घर में घरेलू काम हेतु नौकरी लगवा देने का वादा किया और उसे पूर्णिया ले आया. महिला ने बताया कि वह पूर्णिया से अंजान थी. उसे एक घर में लाया गया, जहां एक महिला ने उसे घरेलू काम के लिए रख लिया. मगर दूसरे दिन उसे पता चला कि यह रेड लाइट एरिया है. उसके दोनों बच्चों को भी उससे छीन लिया गया.

50 हजार रुपये में बेचा

महिला ने बताया- संचालिका मधु और उसका पति कुदरत उसे धमका रहे थे. कह रहे थे कि अगर तुमने हमारी बात नहीं मानी तो तुम्हारे बच्चों को मार डालेंगे. इसी मजबूरी में उसने यह कदम उठाया. बाद में उसे पता चला कि ट्रेन में मिले शख्स ने ही उसे 50 हजार रुपये में बेचा था. पीड़िता बोली- कई ग्राहक मेरे पास आते थे और कइयों को मैंने अपनी आपबीती सुनाई थी. मगर किसी ने मदद नहीं की. लेकिन एक ग्राहक ने तरस खाकर मेरे पति को पूरी बात बताई. ऐसे मेरी जान बच पाई.

(पूर्णिया से मोहित पंडित की रिपोर्ट)