राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Land Mutation बिना रैयत का पक्ष जाने दाखिल खारिज के मामले को अस्वीकृत करने की शिकायतों के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपने पोर्टल के सॉफ्टवेयर में सुधार किया है। अब रैयत के पक्ष को शामिल किए बिना किसी आवेदन को रद्द करना संभव नहीं होगा। सॉफ्टवेयर स्वयं इसे रोक देगा।
विभाग के सचिव जय सिंह ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर कहा कि वे देखें, दाखिल खारिज को सुविधापूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर में किए गए बदलाव का पालन हो रहा है या नहीं।
पहले सॉफ्टवेयर में नहीं था इस तरह का विकल्प
हालांकि, अस्वीकृति के केस में रैयत का पक्ष जानने की अनिवार्यता पहले भी थी, लेकिन सॉफ्टवेयर में विकल्प नहीं रहने के कारण अंचलाधिकारी सीधे किसी आवेदन को अस्वीकृत कर देते थे।
वैसे आवेदकों को पुन: आवेदन में सुधार के लिए लौटाने का विकल्प दिया गया है। पत्र के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में अगर राजस्व कर्मचारी को दाखिल खारिज के आवेदन में सुधार की जरूरत होगी तो वे उसे राजस्व अधिकारी के पास भेजेंगे।
वहां से आवेदन अंचल अधिकारी के पास जाएगा। अंचल अधिकारी अपने स्तर से इसे सुधार के लिए रैयत के पास भेजेंगे।अब आवेदक जरूरी सुधार के बाद सीधे अंचलाधिकारी को अपना आवेदन देंगे। अंचलाधिकारी उसे सबमिट करेंगे।
