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Monday, April 8, 2024

पुष्पा 2 में अल्लू अर्जुन के साड़ी वाले नींबूधारी लुक की ये है असली कहानी, टीजर ने फिल्म का सबसे बड़ा भेद खोल दिया!


Allu Arjun का 8 अप्रैल को बर्थडे होता है. इस मौके पर Pushpa 2 Teaser रिलीज कर दिया गया. हालांकि इस टीजर में कुछ ऐसा नहीं है, जो आपने पहले न देखा हो. ये टीजर एक तरह से उनके फर्स्टलुक का एक्स्टेंडेड वर्जन है.

2023 के अप्रैल में ‘पुष्पा 2’ का फर्स्ट लुक आया था. इसमें अल्लू अर्जुन ने लाल-नीली साड़ी पहन रखी थी. इसके अलावा पुष्पाराज के माथे पर बिंदी, नीले रंग में पुता शरीर, एक हाथ में पिस्तौल, नाखूनों पर नेलपॉलिश, गले में नींबुओं की माला, एक हाथ में पिस्तौल थी.

अब टीजर में उनके पैरों के घुंघरू भी दिख रहे हैं. साथ ही उनके इस लुक को मोशन दे दिया गया है. और वो किसी फेस्टिवल में कुछ लोगों को मारते हुए दिख रहे हैं. जब फर्स्ट लुक आया था, तब भी ये जिज्ञासा थी कि आखिर अल्लू इस तरह के पहनावे में क्यों दिख रहे हैं. कुछ लोगों को अब तक पता चल गया होगा, जिन्हें नहीं पता है उनको बताए देते हैं.

लोगों ने सोचा था कि पुष्पराज को उसके ट्रेडमार्क लुक में दिखाया जाएगा. पर मेकर्स ने उन्हें चौंकाया. कई लोगों का मानना है कि ये ‘कांतारा’ का असर भी हो सकता है, क्योंकि वो भी कर्नाटका की एक परंपरा पर आधारित थी. इसने पूरे देश में जो बवाल काटा ‘पुष्पा’ के मेकर्स उसे भुनाना चाहते हैं. साथ ही ऑडियंस को भी कुछ नया देना चाहते हैं. इसलिए अल्लू अर्जुन के साड़ी लुक का भी एक धार्मिक परंपरा से कनेक्शन है. ये तिरुपति के गंगम्मा जात्रा फेस्टिवल से प्रेरित है.

क्या है गंगम्मा जात्रा?

दरअसल कर्नाटका और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में मनाया जाने वाला ये एक लोक त्योहार है. 7 दिनों तक चलने वाली इस पूजा में कुछ जगह पर देवी को मांसाहारी भोजन भी चढ़ाया जाता है. 7 में से बीच के 2 दिनों में झांकी भी निकलती है. इसी यात्रा में पुरुष अपना वेश बदलते हैं. वो महिलाओं की तरह के कपड़े पहनकर, शृंगार करके यात्रा में हिस्सा लेते हैं. इसलिए ऐसा हो सकता है कि ‘पुष्पा 2’ के लिए अल्लू का लुक इसी यात्रा से प्रेरित हो. शायद फिल्म के दौरान कहानी में कोई ऐसा मोड़ आए, जिसमें ‘जात्रा’ पूजा दिखाई जाए.

गंगम्मा जात्रा आखिर शुरू कैसे हुआ?

ये त्योहार होता क्यों है? इस पूजा के पीछे की वजह क्या है? तो इसमें भी अलग-अलग मान्यताएं हैं. मेजरली ‘गंगम्मा जात्रा’ चित्तूर और तिरुपति के इलाकों में होता है. पर दोनों जगह इसके मनाने के कारण भिन्न हैं. जैसी जानकारी ऑनलाइन मौजूद है, उसके अनुसार सालों पहले चित्तूर(आंध्र प्रदेश) में एक महामारी फैली. लोग मर रहे थे. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था. ऐसे में एक उपाय सुझाया गया और ये उपाय था – हल्दी और नीम के पानी से पूरे गांव को शुद्ध करने का. इसके बाद से ये परंपरा चलती रही. इसी के चलते चित्तूर में जात्रा का उदय हुआ.

‘पुष्पा 2’ में तिरुपति वाली मान्यता!

तिरुपति की कथा इससे काफी अलग है. ऐसा कहा जाता है कि एक समय में वहां पलेगोंडलू नाम के एक आदमी का दबदबा था या यूं कहे कि वो वहां राज करता था. वो महाअत्याचारी, दुष्ट, महिलाओं के साथ अभद्रता और दुर्व्यवहार करने वाला आदमी था. लोग उसके अत्याचारों से परेशान थे. इसी समय अविलल नाम के एक गांव में गंगम्मा नाम की देवी का जन्म हुआ. जब वो बड़ी हुईं, तो पलेगोंडलू ने उन पर भी बुरी नज़र डालने की कोशिश की. देवी ने उस पर हमला कर दिया. पर पलेगोंडलू बचकर जंगल या फिर किसी अनजान जगह छिप गया.

इस अत्याचारी को बिल से बाहर निकालने के लिए एक चाल चली गई. इसके तहत एक यात्रा निकाली गई. इसमें तिरुपति के लोग विचित्र वेशभूषा ने गंगम्मा देवी को कोसते. यात्रा के सातवें दिन पलेगोंडलू बाहर निकल आया. गंगम्मा देवी ने उसे मार डाला. तभी से ‘गंगम्मा जात्रा’ की परंपरा निकलकर आई. अब चूंकि पुष्पाराज भी इस यात्रा में हिस्सा ले रहा है. ये इस बात का रूपक हो सकता है कि ‘पुष्पा 2’ में वो अपने किसी दुश्मन को बिल से बाहर निकालने के लिए ऐसा कर रहा हो, उसका लक्ष्य अपने दुश्मन खत्म करना हो. टीजर में अल्लू अर्जुन कुछ लोगों को पीटते हुए भी दिख रहे हैं.

बाकी पूरा भेद फिल्म आने पर खुलेगा. फिल्म 15 अगस्त को रिलीज हो रही है. इस बार इसका नाम Pushpa The Rule है. इस फिल्म की टक्कर अजय देवगन की फिल्म ‘सिंघम अगेन’ से होगी. अब देखना ये होगा ‘सिंघम’ इस बार ‘पुष्पा’ को झुका पाता है या नहीं!