मधेपुरा। मधुबनी में मधेपुरा डीएम के वाहन से हुई सड़क दुर्घटना मामले में अब भी कई रहस्यों पर से पर्दा नहीं उठ पाया है। घटना के बाद मधेपुरा के जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया था कि डीएम विजय प्रकाश मीणा घटना के समय गाड़ी में सवार नहीं थे।
उन्होंने यह भी बताया कि डीएम अवकाश पर भी नहीं थे। पिछले पांच दिनों से जिला में उनकी कोई गतिविधि नहीं दिख रही थी।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के अनुसार डीएम दीपावली में ही अवकाश में गए थे। उसके बाद मुख्यालय आ गए थे। इसके बाद 16 नवंबर को उद्योग विभाग के बैठक में डीएम ने ऋण वितरण भी किया था। हालांकि, अगले दिन 17 नवंबर को हुई प्रशासनिक बैठक में डीएम उपस्थित नहीं थे। 18 नवंबर को भी उनकी कोई गतिविधि नहीं दिखी थी।
दुर्घटना के दिन कृषि विभाग की बैठक में मौजूद नहीं थे DM
19 और 20 नवंबर को छठ पूजा का अवकाश था। इस दौरान भी डीएम छठ घाट पर नजर नहीं आए थे। 21 नवंबर को जिस दिन मधुबनी में डीएम की गाड़ी से दुर्घटना हुई थी, वे कृषि विभाग की बैठक में उपस्थित नहीं हुए थे। हालांकि, बुधवार को डीएम ने बैठक कर नशा मुक्ति को लेकर होने वाले मैराथन की तैयारी का जायजा लिया। साथ ही अधिकारी को दिशा-निर्देश दिया है।
फोन नहीं उठा रहे DM
मधुबनी में हुई दुर्घटना के संबंध में डीएम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। मंगलवार को डीएम को कई बैठकों में भाग लेना था, लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इससे बुधवार को दिनभर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चा होती रही।
लोगों के बीच इस बात की भी चर्चा रही कि मधुबनी के फुलपरास में दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी में मिले चार बैग किसके थे। वाहन अगर सर्विसिंग के लिए गया था तो उसपर गार्ड क्यों सवार थे। बताते चलें कि डीएम के वाहन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।
बुधवार को नशामुक्ति के खिलाफ होने वाले मैराथन दौड़ की सफलता को लेकर डीएम ने बैठक कर सभी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया है। वह अवकाश पर गए ही नहीं हैं। वह मुख्यालय में ही मौजूद थे। उनका वाहन सर्विसिंग के लिए गया था। आने के क्रम में मधुबनी में दुर्घटना का शिकार हो गया। - कुंदन कुमार सिंह, डीपीआरओ।
