बनमनखी नगर परिषद के रिश्तेदारों पर हुई फायरिंग का ट्रायंगल:नशेड़ियों के अड्डे पर हुई हाथापाई से शुरू हुआ था विवाद, ठिकेदारी और जमीनी से भी जुड़ा है मामला
पूर्णिया के बनमनखी नप के मुख्य पार्षद संजना देवी के रिश्तेदारों पर हुई फायरिंग मामला में जानकारी लेती पुलिस। - Dainik Bhaskar
पूर्णिया के बनमनखी नप के मुख्य पार्षद संजना देवी के रिश्तेदारों पर हुई फायरिंग मामला में जानकारी लेती पुलिस।
पूर्णिया के बनमनखी नप के मुख्य पार्षद संजना देवी के रिश्तेदारों पर हुई फायरिंग मामले में अब कई राज खुलकर सामने आए हैं। जानकीनगर थाना क्षेत्र के कारी मंडल टोला में हुए इस गोलीकांड से पहले मिडिल स्कूल जानकीनगर से लगे फैंटूस चौक पर सभी एक साथ बैठे थे। रोजाना की तरह यहां नशेड़ियों का अड्डा लगा था। ग्रामीणों के मुताबिक इसी दौरान नप के भाई बब्लू यादव की बटन यादव के बेटे से कहासुनी हुई। जो आखिर में खूनी अंजाम तक जाकर खत्म हुआ।
आखिर क्या असल वजह है इस गोलीकांड के पीछे। किसने और क्यों बनमनखी नप के मुख्य पार्षद संजना देवी के भाइयों पर गोली चलाई और चाचा पर जानलेवा हमला कर दिया।
कड़ी दर कड़ी जानिए घटनाक्रम वाले दिन की पूरी कहानी इस रिपोर्ट में....
तारीख- 15 सितंबर । समय- रात करीब 8 बजे । जगह -जानकीनगर थाना क्षेत्र का कारी मंडल टोला गांव।
नाम न बताने की शर्त पर ग्रामीण बताते हैं कि घटना वाली रात रोजाना की तरह मिडिल स्कूल जानकीनगर से लगे फैंटूस चौक के समीप एक दुकान पर नशेड़ियों का अड्डा लगा था। वहां बटन यादव के बेटे 22 वर्षीय बेटे नवीन यादव, 28 वर्षीय पवन यादव, पंकज यादव और बटन यादव की बहन के बेटे सुभाष यादव समेत 5-6 अन्य बैठे थे। यहीं संतोष यादव का छोटा भाई भी बैठा था। नशे के अड्डे पर इन दोनों के बीच करीब 9 बजे बहस शुरू हुई।
इस बहस के बाद संतोष के छोटे भाई के साथ मारपीट की गई। मारपीट की ये बात संतोष के छोटे भाई ने घर वालों को बताया। इधर भोज खाने गए संतोष और बब्लू समेत घर वाले जब भोज खाकर घर लौटे तो संतोष के छोटे भाई ने मारपीट की बात इन्हे भी बताई। जिसके बाद करीब 10 बजे 25 वर्षीय संतोष यादव, 28 वर्षीय बब्लू यादव, और 56 वर्षीय चाचा विकास यादव और कुछ अन्य को लेकर मारपीट करने के आरोपी गांव में ही रहने वाले बटन यादव के घर पहुंचे।
पंच बिठाने और समझौते को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर बाद गालीगलौज और हाथापाई में बदल गई। करीब 10:30 - 11:00 बजे एकाएक गांव की लाइट चली जाती है। तनातनी के बीच अंधेरा होने का ही फायदा उठाकर बटन के बेटे नवीन यादव और पवन पंकज यादव ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी।
पंकज ने जिस गन से फायरिंग की वह पिस्टल बटन यादव के बहन के बेटे सुभाष यादव की थी। सुभाष बब्लू की तरह ही छोटी मोटी ठीकेदारी करता है। पिस्टल की पहली गोली संतोष यादव के सीने में जा लगी। जिसके कुछ ही मिनटों बाद उसने दम तोड़ दिया। जबकि दूसरी गोली बब्लू के पंजरे में लगी। वहीं इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया। घने अंधेरे के बीच फायरिंग के ठीक बाद लोगों के चीखने और बिलखने की आवाज गूंज रही है।
गोलीकांड के बाद संतोष यादव की डेडवॉडी जमीन पर पड़ी। जबकि बब्लू यादव गोली लगने के बाद तड़पता दिख रहा है।मृतक संतोष के पिता अनिल यादव सासाराम जिले में शिक्षा विभाग में सहायक लिपिक हैं। जबकि घायल बब्लू के पिता विजेंद्र यादव होमगार्ड हैं। जिस वक्त ये गोलीकांड हुआ। विजेंद्र ड्यूटी पर थे।
वहीं गोलीकांड के पीछे भी कई वजह सामने आई है। इसकी पहली वजह गांव में कुछ महीने पूर्व हुई साइकिल और बाइक चोरी की घटना में संतोष के घर वालों ने इनका ही नाम सामने रखा था। जिसके बाद बटन यादव के बेटों को जेल तक जाना पड़ा था। वहीं दूसरी वजह जमीनी विवाद से जुड़ा है। बटन यादव और वकील यादव ने मिलकर गांव के ही लवनारायण यादव के पिता से जमीन खरीदी थी। इसी को लेकर वकील यादव के बेटे बेचन यादव और चंदन यादव ने गांव में अपना वर्चस्व बनाने के लिए बटन के बेटे को पिस्टल उपलब्ध कराया। वे बटन के बेटों को समय - समय पर पैसे भी देते थे।
इसी जमीनी लड़ाई में वकील यादव के बेटे को ये शक था कि मृतक संतोष यादव और घायल बब्लू यादव लव नारायण यादव के पक्ष में खड़े हैं। इसी को लेकर वकील यादव और उसके दोनों बेटे ने बटन के बेटों को हाथियार उपलब्ध कराकर उनका मनोबल बढ़ाया।
ग्रामीणों का कहना है कि बटन के बेटे खुलेआम पिस्टल लेकर गांव में घूमते थे। गांव में बटन के बेटों का दहशत था। घटना वाली रात नशे के अड्डे से शुरू हुए विवाद में चोरी की घटना में बटन के बेटों का नाम बताकर उन्हे जेल भिजवाना, नप के भाई बब्लू यादव और बटन यादव की बहन के बेटे सुभाष यादव का ठीकेदारी को लेकर जारी वर्चस्व की लड़ाई और जमीनी विवाद से जुड़े मामले ने आग में घी का काम किया। जिसके बाद गोलीकांड की घटना सामने आई।
वहीं इस मामले में गोलीकांड के दूसरे दिन 12 घंटे के भीतर वकील यादव के दोनों बेटे चंदन यादव और बेचन यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। मृतक संतोष के पिता अनिल यादव के तरफ ने रविवार देर दोपहर जानकीनगर थाना में गोलीकांड को लेकर लिखित शिकायत दी। जिसमें 6 नामजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें बटन यादव और उसके तीन बेटे नवीन यादव, पंकज यादव, पवन यादव समेत वकील यादव के बेटे चंदन यादव और बेचन यादव का नाम भी नाम शामिल है।
इसी को लेकर पूछताछ के बाद वकील के दोनों बेटों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं गोलीकांड के मुख्य आरोपी बटन यादव और उसके बेटे अब भी पुलिस की पकड़ से काफी दूर हैं।
घटना की जानकारी देते हुए जानकीनगर थाना प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि गोलीकांड में शामिल आरोपियों कि गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।