सनातन यादव/कोशी लाइव ऑनलाइन डेस्क
परिवहन सचिव संजय अग्रवाल की फाइल फोटो।
बिहार मे पुरानी गाड़ियों की खरीद -बिक्री का कारोबार करने के लिए अब वाहन डीलर को परिवहन कार्यालय से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पुराने वाहनों का कारोबार करने वाले डीलरों को रेगुलराइज करने के लिए परिवहन विभाग तैयारी कर रहा है। परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इससे आम लोगों को पुरानी गाड़ी खरीदने के दौरान किसी भी तरह की धोखाधड़ी से मुक्ति मिलेगी। पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री कारोबार में आसानी होगी।
परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने बताया है कि मोटर वाहन नियमावली में बदलाव के बाद 1 अप्रैल 2023 से अब यह कानून जरूरी हो गया है कि, ऐसे सभी डीलर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं और वाहनों की खरीद बिक्री अधिकृत रूप से करें । कोई भी वाहन मालिक यदि अपना वाहन बेचते हैं तो वह इसकी ऑनलाइन सूचना निधारित प्रपत्र में जरूर दें। जैसे ही डीलर उस वाहन को अपने पास रखते हैं तो उसकी सूचना ऑनलाइन परिवहन विभाग को दें । इससे ऐसे वाहनों से यदि कोई अपराध की घटनाएं घटित होती है या एक्सीडेंट होता है तो वाहन मलिक की जवाबदेही नहीं रहेगी बल्कि डीलर इसके लिए जवाबदेह होंगे ।
डीलर को रखना होगा मूवमेंट रजिस्टर
उन्होंने कहा है कि डीलर के द्वारा ऐसे वाहन का उपयोग जब भी किया जाएगा या ट्रायल के लिए भेजा जाएगा तो उसका मूवमेंट रजिस्टर भी उन्हें रखना होगा । उनके यहां कितने गाड़ियां हैं, इसका हिसाब भी उन्हें रखना पड़ेगा । पुरानी गाड़ी खरीदने वालों के लिए भी अब काफी आसान होगा क्योंकि पहले डीलर की कोई जवाबदेही नहीं रहती थी अब डीलर की भी जवाबदेही रहेगी।
चोरी के वाहनों की बिक्री पर भी लगेगा अंकुश
परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने आगे कहा है कि पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले डीलरों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का नियम लागू करने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी नहीं होगी। वाहनों का रिकॉर्ड समय पर अपडेट रहने के कारण चोरी के वाहनों की बिक्री पर भी अंकुश लगेगा। वाहनों को तस्करी, आपराधिक गतिविधियों में उपयोग लिए जाने जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
वाहन डीलरों को अपने कब्जे वाले वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र का नवीकरण कराने, फिटनेस प्रमाण-पत्र के नवीकरण, डुप्लीकेट पंजीयन प्रमाण-पत्र बनाने, एनओसी और स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए आवेदन का अधिकार होगा। गाड़ी के मालिक को संबंधित डीलर को वाहन देने के बाद फॉर्म-29 (ग) जिसमें वाहन स्वामी और डीलर के हस्ताक्षर होंगे, को यह फार्म पोर्टल के माध्यम से वाहन पंजीयन अधिकारी को भेजना होगा। वाहन लेने और बेचने के बाद डीलर को इसकी जानकारी परिवहन विभाग को देनी होगी।
कैसे मिलेगा प्राधिकार प्रमाण-पत्र?
वाहन डीलर को प्राधिकार प्रमाण-पत्र लेने के लिए परिवहन विभाग से जुड़े वाहन पोर्टल पर प्रारूप-29 (क) में आवेदन करना होगा। इसमें डीलर को अपना नाम, पता, कारोबार का स्थान, मोबाइल नंबर, पैन नंबर, जीएसटी नंबर और ईमेल-आईडी देना होगा।