यात्री का इलाज करते डॉक्टर।
छपरा जंक्शन स्टेशन पर उस समय अफरातफरी का माहौल हो गया, जब अचानक से स्टेशन प्रबंधक को वैशाली एक्सप्रेस में एक यात्री की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। स्टेशन सुपरिटेंडेंट को ट्रेन में तबियत खराब होने की सूचना ट्रेन मैनेजर से प्राप्त हुई। इसके बाद रेलवे द्वारा चिकित्सा दल के साथ यात्री की जांच की गई।
यात्री को मुंह से लगातार ब्लीडिंग हो रहा था। जिसको लेकर स्थिति गम्भीर देखते हुए यात्री को गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित व्यक्ति के पास मिले आधार कार्ड के अनुसार उसकी पहचान सहरसा शहर निवासी रंजन कुमार के रूप में हुई है। वो दिल्ली के श्रीराम कॉलेज में कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। वो वैशाली ट्रेन में सहरसा से दिल्ली के लिए सफर कर रहे थे। इस दौरान छपरा जंक्शन पर लगभग 45 मिनट तक ट्रेन रुकी रही।
ट्रेन को लंबे समय से रुके होने पर यात्री हलकान हो गए। सभी लोग भागकर स्टेशन मास्टर के पास पहुंच रहे थे। यात्री की तबियत खराब होने की बात सुनकर पीड़ित यात्री को देखने के लिए कोच संख्या बी2 में यात्री और कर्मचारियों का जमावड़ा लग गया। स्थिति गंभीर होने पर रेलवे चिकित्सक और कर्मचारी द्वारा मरीज के परिजनों को सूचित करते हुए। इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित व्यक्ति अभी अचेत अवस्था मे है। परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए स्टेशन सुपरिटेंडेंट ने बताया कि ट्रेन संख्या 12553 के कोच नम्बर बी 2 में एक यात्री की तबियत खराब होने की जानकारी मिली। इसके बाद ट्रेन को रिसीव करने के साथ रेलवे का चिकित्सक दल मरीज का जांच और ईलाज किया। लेकिन आराम नहीं होने पर मामला को गंभीर देखते मरीज को आगे के यात्रा के लिए रोक लगाते हुए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान बैशाली एक्सप्रेस 45 मिनट तक रुकी रही। मरीज को ट्रेन से उतारने के साथ ही आगे के लिए रवाना कर दिया गया।