सहरसा में कोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध के निचली हिस्से के कई स्कूल परिसरों में पानी घुस गया है। पानी के वजह से पठन-पाठन बंद हो गया है। यहां तक कि स्कूल के कार्यालय के अंदर भी पानी घुसा हुआ है। इससे शिक्षकों को भी काफी परेशानी हो रही है।
स्कूल परिसर में पानी लगे रहने से बच्चों को परेशानी तो हो रही है, लेकिन वो मौज-मस्ती भी कर रहे हैं। बच्चे स्कूल परिसर में लगे पानी में स्नान करते दिख रहे हैं। यह हादसों को दावत देता नजर आ रहा है। मामला महिषी प्रखंड के उर्दू मध्य विद्यालय भेलाही का है।
ग्रामीण मुस्ताक की मानें तो पानी स्कूल में घुस गया है। शिक्षक सब खड़े हैं, बच्चे सब स्कूल परिसर में लगे बाढ़ के पानी में स्नान कर रहे हैं। दूसरे ग्रामीण नजीर अहमद की मानें तो जलजमाव को लेकर खतरा बढ़ रहा है। पानी बढ़ेगा तो और ज्यादा खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रधानाचार्य मोहम्मद असगर अली ने कहा कि बच्चे सब स्कूल भी आए थे, लेकिन पानी की वजह से छुट्टी दे दी गयी है। नहीं तो बच्चे सब डूब भी सकते थे। विभाग को भी सूचित कर दिए हैं। मेरे कार्यालय में भी पानी घुसा हुआ है, जिसके कारण हम शिक्षण का कार्य नहीं कर सकेंगे। पानी घटने के बाद फिर शिक्षण का कार्य किया जाएगा।
12 गांवों में घुसा है बाढ़ का पानी
कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से महिषी और नवहट्टा प्रखंड के लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। दोनों प्रखंडों के 12 गांवों के मुख्य सड़क पर पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं-कहीं 4 से 5 फीट तक पानी तेज धार के साथ सड़क पर बह रही है।
इस वजह से पैदल चलना लोगों के लिए खतरा बन गया है। जिला मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय से लोगों का संपर्क पूरी तरह से खत्म हो गया है। महिषी प्रखंड के कुंदह पंचायत के कोरगांव होते हुए जाने वाली सड़क पर पानी भर गया है।