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Sunday, August 13, 2023

NEWS DESK:400 साल से सुरक्षित है इस संत का शरीर, आज भी निकलता है खून, मौजूद हैं कई दिव्य शक्तियां

दूनियाभर में ऐसे कई रहस्य है जो अभी भी अनसुलझे है. इनकी गुत्थी कई बार खोलने की कोशिश की गई है लेकिन कामयाबी बहुत कम लोगों को ही मिल पाती है. ऐसा ही एक राज हिंदुस्तान के सीने में भी दफन है.

दरअसल अपने गोवा राज्य में एक ऐसा चर्च है. जहां 450 सालों से एक डेड बॉडी रखी हुई है, लेकिन हैरानी की बात ये हैं कि शरीर अभी तक सड़ा नहीं है.

इस डेड बॉडी को लेकर कहा जाता है कि आज भी इस बॉडी से खून निकलता है और आम इंसानों की तरह नाखून बढ़ते हैं. अब आपके मन सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये डेड बॉडी किस दिव्य आत्मा की है? रिपोर्ट की माने तो ये बॉडी फ्रांसिस जेवियर की है. ये भारत में ईसाई धर्म की स्थापना के लिए जाने जाते हैं. इनका जन्म 7 अप्रैल 1506 ई. को स्पेन में हुआ था. कहते हैं इन्हें पुर्तगालियों ने उस समय इन्हें संत बना दिया था जब गोवा पर उनका राज हुआ करता था. इन्हे खास जिम्मेदारी देकर ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार करने को कहा गया.

क्यों नहीं दफनाया गया?

अपने इस काम को उन्होंने बखूबी किया और अंत समय तक उन्हें कई लोगों ने फॉलो करना शुरू कर दिया. सेंट जेवियर ने केवल दस वर्ष के मिशनरी समय में 52 अलग-अलग राज्यों में यीशु मसीह का प्रचार किया नौ हजार मील के क्षेत्र में घूमकर प्रचार किया और लाखों लोगों को ईसा मसीह का शिष्य बनाया. यह सब सिर्फ उन्होंने भारत में ही नहीं चीन और जापान समेत आस-पास के देशों में ईसाई धर्म को फैलाने का काम किया. कहा जाता है उनकी मौत चीन में एक समुद्री यात्रा के दौरान हुई थी.

अपने शिष्यों से पहले ही उन्होंने कह दिया था कि जब कभी उनकी मृत्यु हो तो उनके शव को गोवा में दफनाया जाए, लेकिन जब कभी उन्हें दफनाया जाता तो उनका शव पहली बार जैसे ही मिलता. सैकड़ों साल पहले एक महिला ने दावा किया था उन्होंने एक बार सेंट जेवियर के पैरों में सुई चुभो दी थी, तब वहां से खून निकलने लगा था. जिस चर्च में इनके शव को रखा गया है वो तकरीबन 450 साल पुराना है और हर दस साल में ‘बॉडी’ की गंभीर प्रदर्शनियां आयोजित की जाती हैं. इस दौरान उनके बढ़े हुए नाखूनों को काटा जाता है. इस समय दुनियाभर के ईसायों की भीड़ यहां जमा होती है.