Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR:बिहार में गवाही की सजा मौत! 3 दिन में दो हत्याएं, गवाहों की सुरक्षा पर उठते सवाल? - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Sunday, August 20, 2023

BIHAR:बिहार में गवाही की सजा मौत! 3 दिन में दो हत्याएं, गवाहों की सुरक्षा पर उठते सवाल?

कोशी लाइव/बिहार के अररिया में पत्रकार विमल कुमार की शुक्रवार को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना के 72 घंटे के अंदर अपराधियों ने बेगूसराय में एक रिटायर शिक्षक को आज यानि रविवार को गोलियों से भून दिया.

दोनों ही मृतक हत्या के अलग-अलग मामलों के गवाह थे. दोनों को ही अपराधियों ने गवाही से पीछे हटने की धमकी दी थी. लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया और अंत में उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. ऐसे में बिहार में गवाहों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं.

पहले आज की घटना की बात करते हैं…घटना बेगूसराय की है. यहां बछवारा में जवाहर चौधरी को बदमाशों ने गोलियों से भून दिया. मृतक सेवानिवृत्त शिक्षक थे. दो साल पहले उनके बेटे की हत्या हो गई थी, जिसके वह चश्मदीद गवाह थे. चूंकि यह केस ट्रॉयल में आ चुका है. ऐसे में बदमाश जवाहर को गवाही से पीछे हटने के लिए धमकी दे रहे थे. वहीं, इससे पहले पत्रकार विमल यादव की भी बदमाशों ने इसलिए कर दी थी, क्योंकि वह भी भाई की हत्या के केस में गवाही से पीछे हटने को तैयार नहीं थे.

गंभीर मामलों में गवाही से कतराने लगे हैं लोग

इन घटनाओं पर बिहार के बक्सर कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु दत्त कहते हैं कि गवाहों पर हमले तो पहले से भी होते रहे हैं. उन्हें धमकियां भी मिलती रही हैं. कई गवाह अपनी जान भी गवा चुके हैं. ऐसे में अब गंभीर मामलों में लोग गवाही देने से कतराने लगे हैं. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट भी अपनी चिंता जता चुका है.

वहीं, गवाहों की सुरक्षा पर विष्णु दत्त बताते हैं कि अगर किसी को जान का डर होता है, अदलात जरूर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराती है. हालांकि, यह भी देखा गया है कि गवाह खुद भी बेफिक्र रहते हैं और धमकियों को नजरअंदाज करते रहते हैं. होना ये चाहिए कि अगर कोई अपराधी किसी को धमकी देता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए.

कैसे मिलती है गवाहों की सुरक्षा ?

इस मामले में बिहार पुलिस के एक अधिकारी अफाक अख्तर अंसारी जो कि अभी डुमरांव में डीएसपी के पद पर तैनात हैं, वह बताते हैं कि हत्या सहित अन्य संगीन मामलों के गवाह की ओर से सुरक्षा की मांग करने पर कानूनी प्रक्रिया पूरा करने के बाद उन्हें कोर्ट आने-जाने के लिए सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. इसके लिए कई बार कोर्ट भी पुलिस को डायरेक्शन देती है. वहीं,लंबी अवधि के सुरक्षा को लेकर गवाह द्वारा कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ती है.

एक पिता जिसने गवाही देकर शहाबुद्दीन को जेल पहुंचवाया

गवाह की निर्मम हत्या और उसके पिता के लंबे अदालती संघर्ष को बिहार के सीवान के लोग भूल नहीं सकते. तब सीवान के रहने वाले चंदा बाबू के एक बेटे की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई थी, क्योंकि वह अपने ही भाइयों के हत्या मामले का गवाह था. हत्या का आरोप बाहुबली शहाबुद्दीन पर लगा. तब चंदा बाबू ने कोर्ट में जाकर गवाही दी और अपने बेटे के हत्या के दोषी बाहुबली शहाबुद्दीन को जेल भिजवाया. हालांकि, उन्हें इसके लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी.

शहाबुद्दीन के आदेश पर उसके गुर्गों ने चंदा बाबू के दो बेटों को एसिड से नहला हत्या करवा दी थी. इस केस का एकमात्र गवाह चंदा बाबू का तीसरा बेटा था, जिसकी बाद में बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. हालांकि, इस कांड ने चंदा बाबू को हिला कर रखा दिया. लेकिन, वह टूटे नहीं और शहाबुद्दीन के खिलाफ गवाही दी. इसके बाद शहाबुद्दीन को सजा भी हुई.