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Monday, August 7, 2023

BIHAR/गर्लफ्रेंड के पिता ने हत्या की..एसिड से जलाया:12वें दिन हुई शव की पहचान; मां बोली-लड़की के पिता ने बेटे का लव लेटर पकड़ा था

गर्लफ्रेंड के पिता ने हत्या की..एसिड से जलाया: 12वें दिन हुई शव की पहचान; मां बोली-लड़की के पिता ने बेटे का लव लेटर पकड़ा था
पूर्णिया/कोशी लाइव

कटिहार से 12 दिन पहले मिले युवक के शव की पहचान हो चुकी है। 24 साल का राजेश कुमार पूर्णिया का रहने वाला था। परिवार का आरोप है कि उसका एक लड़की से अफेयर चल रहा था। उसके पिता ने लव लेटर पकड़ लिया था। बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी थी। मां का कहना है कि बेटे की चाकू से गोंदकर हत्या की फिर पहचान छिपाने के लिए उसके शव को तेजाब से जला दिया।

पूर्णिया के राजेश कुमार का शव 26 जुलाई को कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र के खेत से बरामद हुआ था। शव बरामदगी के 3 दिनों तक जब शव की शिनाख्त नहीं हुई तो, कोढ़ा थाने की पुलिस ने शव को लावारिश समझकर 72 घंटे बाद दाह संस्कार करा दिया।

रविवार दोपहर परिजनों ने तस्वीर के जरिए शव की पहचान राजेश कुमार (24) के रूप में की। मृतक के चाचा बालेश्वर साह और भाई अजय कुमार ने बताया है कि पुलिस की ओर से साझा की गई तस्वीर को गौर से देखने पर राजेश की दोनों कलाई और पेट पर धारदार चाकू के तेज हमले के निशान मिले।

इससे साफ है कि राजेश की पहले नृशंस हत्या की गई। इसके बाद उसके चेहरे को एसिड से जला दिया गया, जिससे शव की पहचान न हो सके।

 
परिजनों का कहना है कि 25 जुलाई की सुबह करीब 5:30 में 24 साल का छात्र घर वालों को बगैर कुछ कहे घर से निकल जाता है। गुमशुदगी के अगले ही दिन 26 जुलाई को मृतक का शव कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र के खेत से बरामद होता है।

इधर काफी खोजबीन के बाद भी जब घरवालों को राजेश की कोई खोज खबर नहीं मिलती, तो 27 को घर वाले मरंगा थाना पहुंचते हैं। जहां घर वालों की ओर से थाना में राजेश के लापता होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है।

12वें दिन हो सकी शव की पहचान

रविवार सुबह पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र के वर्मा कॉलोनी निवासी सदानंद साह का फोन बजता है। जानने वाले सोनू के जरिए उन्हें वह तस्वीरें भेजते हैं। जो कोढ़ा थाने की ओर से मरंगा थाने की पुलिस को भेजी जाती है। यहीं से मरंगा थाने की पुलिस को गुमशुदगी से जुड़े केस में पहला लीड मिलता है।

मरंगा थाने की पुलिस इन तस्वीरों को मृतक राजेश के जानने वाले सोनू को साझा करती है। घर वालों का कहना है कि राजेश के चेहरे को एसिड से इस कदर जलाया जाता है कि उन्हें तस्वीरों में दिख रहे कपड़ो के जरिए राजेश की पहचान करनी पड़ती है। इस तरह गुमशुदगी के 12वे दिन मृतक छात्र राजेश कुमार साह की पहचान हो पाती है।

 
कपड़े से हुई पहचान

रविवार देर दोपहर राजेश के पिता सदानंद और करीब 25 रिश्तेदार दौड़े-भागे कटिहार के कोढ़ा थाना पहुंचते हैं। यहां पुलिस की ओर से घर वालों को बताया जाता है कि 26 को राजेश का शव संदिग्ध हालत में खेत से बरामद हुआ था। 72 घंटे तक शव का शिनाख्त न हो पाने के कारण नियमतः शव का दाह संस्कार करा दिया गया है।

इसके बाद पुलिस की ओर से कुछ फोटोग्राफ परिवार वालों को साझा की जाती है। मृतक के चाचा बालेश्वर साह और भाई अजय कुमार ने बताया है कि पुलिस की ओर से साझा की गई तस्वीर को गौर से देखने पर राजेश की दोनों कलाई और पेट पर धारदार चाकू के तेज हमले के निशान मिले। इससे साफ है कि राजेश की पहले नृशंस हत्या की गई इसके बाद उसके चेहरे को एसिड से जला दिया गया, जिससे शव की पहचान न हो सके।

अनसॉल्व है पर्स और मोबाइल छोड़ जाने की गुत्थी

मृतक के पिता सदानंद साह और मां गीता देवी ने बताया कि 25 जुलाई की सुबह 5 बजे राजेश मरंगा थाना क्षेत्र के वर्मा कॉलोनी स्थित घर से बगैर किसी को कुछ बताएं घर से निकला था। काफी देर बाद तक घर नहीं लौटा तो घर के कमरे में लोगों ने से ढूंढना शुरू किया। राजेश का मोबाइल और पर्स उसके कमरे में ही पड़ा था। हालांकि राजेश ने ऐसा क्यों किया ये अब तक घर वालों की समझ से परे है।

2 दिनों तक चले खोजबीन के बाद भी जब राजेश की खोज खबर नहीं मिली तो मरंगा थाने में आवेदन दिया गया। बातों ही बातों में मृतक के भाई अजय साह ने बताया कि गुमशुदगी से ठीक 2 रोज पहले राजेश ने घर वालों को उनकी जान को खतरा होने की बात बताई थी।

हालांकि बाद में पूछने पर भी राजेश ने घर वालों को कुछ नहीं बताया। राजेश घर से बगैर बताए क्यों गया। जाते हुए उसने अपना मोबाइल फोन यहां तक की पर्स तक क्यों छोड़ा। अब तक वे इसकी गुत्थी नहीं समझ पाए हैं।

 
प्रेम प्रसंग का एंगल आ रहा सामने

मृतक की मां गीता देवी ने बताया कि पॉलिटेक्निक चौक स्थित उनका स्वीट्स शॉप है। इसी से लगे एक कैफे में बैठने वाली कैफे संचालक की बेटी को राजेश पसंद करता था। करीब 1 साल पहले राजेश ने लव लेटर भी लिखा था। लेटर में शायरी लिखी गई थी। बाद में ये लेटर लड़की के घर वालों के हाथ लग गया।

हालांकि लड़की राजेश को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर थी। दोनों के बीच लव का एंगल था या नहीं इसका पता लगाने के लिए 3 अगस्त को पुलिस राजेश के घर पहुंची थी। राजेश के फोन को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।

राजेश को मिली थी जान से मारने की धमकी

राजेश के घरवाले बताते हैं कि इन सब के बाद लड़की के घर वालों ने राजेश को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके ठीक बाद ही मनीष नाम के युवक ने भी दुकान से जुड़े विवाद को लेकर राजेश को जान से मारने की धमकी दी थी।

हालांकि इनके बीच कोई एंगल है इस पर भी पुलिस की इन्वेस्टिगेशन जारी है। मरंगा थाना में दिए एफआईआर में उन्होंने उन दो लोगों का जिक्र किया था, जिससे 1 साल पहले राजेश को जान से मारने की धमकी मिली थी।

 
बेटे को आखिरी बार न देख पाने का रहेगा मलाल

बेटे को याद कर बिलखती मां गीता देवी कहती हैं कि तीन भाइयों में राजेश उनका सबसे बड़ा था। वह अक्सर उन्हें बाइक पर बिठाकर घुमाने ले जाया करता। वह उनके पास आकर बैठता। उन्हे किसी चीज की जरूरत तो नहीं। इस बात का भी राजेश अक्सर ख्याल रखता। भगवान ने उनसे उनका बेटा ही नहीं बल्कि जीने की उम्मीद ही छीन ली।

उनका कहना है कि अगर पुलिस इस मामले को संजीदगी से लेती तो वे अपने बेटे को आखिरी बार जरूर देख पाती। मामले से जुड़े लिखित शिकायत के बाद भी पुलिस ने आसपास के थानों से समन्वय स्थापित नहीं किया, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान घर वाले कई बार मरंगा थाना गए।

मगर इस केस को लेकर पुलिस का रवैया आखिर तक उदासीन रहा। गुमशुदगी के 12वें दिन उन्हें राजेश के मौत की खबर जरूर मिली। मगर जिंदगी भर उन्हें इस बात का मलाल रहेगा कि वे आखिरी बार अपने बेटे को देख तक नहीं सकी।

क्या बोले थानाध्यक्ष

मरंगा थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने कहा कि समूचे मामले की नए सिरे से जांच की जा रही है। इस मामले पर अब कुछ भी बोलना जल्दबाजी होगी।