कोशी लाइव/अररिया में पत्रकार विमल यादव के हत्याकांड का खुलासा हो गया है। हत्याकांड की साजिश सुपौल और अररिया जेल में बंद अपराधियों ने रची थी। सुपौल जेल में कैदी रुपेश यादव और अररिया में कैदी क्रांति यादव ने अपने साथियों के साथ हत्या की साजिश रची। इन्हीं दोनों ने पत्रकार के भाई गब्बू यादव को 2019 में मारा था। इसी केस में दोनों सजा काट रहे हैं। इस केस के इकलौते गवाह पत्रकार थे। जो सोमवार को गवाही देने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या करवा दी गई। जानकारी एसपी अशोक कुमार सिंह ने पीसी के माध्यम से दी।
एसपी ने कहा कि 2019 में पत्रकार विमल यादव के सरपंच छोटे भाई गब्बू यादव की हत्या हुई थी। उसी रंजिश के चलते हत्या की गई है। मामले में जो केस चल रहा था वह ट्रायल स्टेज में था। उसी में मुख्य गवाह थे विमल मंडल जिस कारण उनकी हत्या हुई।
मृतक के पिता ने 8 पर कराया केस दर्ज
एसपी ने जानकारी दी कि मृतक के पिता ने 8 लोगों पर केस दर्ज किया था। इनमें चार की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि दो मुख्य आरोपी माधव यादव और अर्जुन शर्मा फरार हैं। गिरफ्तार अपराधियों में भरगामा थाना क्षेत्र के छेदी पासवान का पुत्र विपिन यादव, रानीगंज थाना क्षेत्र का बेलसर निवासी लस्सी यादव का पुत्र भावेश यादव, देवानंद यादव का पुत्र आशीष यादव और रानीगंज थाना निवासी तेज नारायण का पुत्र उमेश यादव शामिल हैं। वहीं, जेल में बंद दो अपराधियों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी पुलिस कर रही है।
शुक्रवार की सुबह पत्रकार की हत्या हुई थी
मालूम हो कि अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड में एक अखबार के संवाददाता विमल यादव की अपराधियों ने शुक्रवार की सुबह घर से बाहर बुलाकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक विमल यादव की पत्नी ने कहा कि शुक्रवार की सुबह 5 बजे कुछ लोग विमल भैया विमल भैया कहकर आवाज लगा रहे थे। विमल जैसे ही दरवाजा खोलकर बाहर निकलें अपराधियों ने उनके सीने में गोली मार दी। जब तक पत्नी दौड़ कर आई तब तक अपराधी फरार हो गए। आनन-फानन में रानीगंज रेफरल अस्पताल पत्रकार को लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।