बिहार के पश्चिम चंपारण में हितेश भाई और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की मदद से दो लड़कियों को आर्केस्ट्रा संचालक के चंगुल से मुक्त कराया गया। दोनों सगी बहने हैं। लड़कियों ने जो आपबीती बताई है उसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। मुक्त कराई गई लड़कियों में एक नाबालिग है। उसे सगे चाचा ने पचास हजार में आर्केस्ट्रा वालों के हाथ भेज दिया था।
पश्चिम चंपारण के रक्सौल में एनसीपीसीआर के निर्देश पर एसएसबी और एएचटी के द्वारा ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ कार्रवाई की कई। सूचना मिली कि शिकारपुर थाना क्षेत्र रखई गांव में एक आर्केस्ट्रा संचालक के घर में दो लड़कियों को कैद किया गया है। सूचना के आधार पर गांव पहुंची पुलिस ने आर्केस्ट्रा संचालक के घर को चारों ओर से घेर लिया। इस बीच आरोपी संचालक अबरार गद्दी भागने लगा जिसे सुरक्षाबलों ने पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर दोनों लड़कियों को मुक्त कराया गया जिनमें से एक नाबालिग है।
लड़कियों ने बताया कि उसके सगे चाचा ने उसे 50000 में बेच दिया। यह जानकारी अबरार गद्दी ने उन्हें दिया था। आर्केस्ट्रा संचालक लड़कियों को अश्लील गानों पर डांस करने के लिए मजबूर करता था और मना करने पर मारपीट करता था। हथियार दिखाकर जान मारने की धमकी भी देता था। इतना ही नहीं जिस दिन प्रोग्राम नहीं होता उस दिन उनके साथ बलात्कार किया जाता था। लड़कियों को नशे की सुई देखकर जबरन सेक्स वर्क कराया जाता था। मनाकरने पर अमानवीय तरीके से मारपीट की जाती थी।
रेस्क्यू के बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है। उनके बयान पर मोहम्मद गद्दी और अन्य आरोपियों के खिलाफ शिकारपुर थाने में एफ आई आर दर्ज कराया गया है। इस ऑपरेशन में एएचटीयू, एसएसबी, बेतिया थाना पुलिस, महिला थाना, सीडब्ल्यूसी बेतिया, चाइल्डलाइन बेतिया,के अलावा स्वयंसेवी संगठन मुक्ति फाउंडेशन, रेस्क्यू फाउंडेशन और प्रयास जुवेनाइल ने सहयोग किया।