जिले के भवानीपुर प्रखंड़ में प्रसूता की मौत के बाद रविवार को आक्रोशित लोगों ने सीएचसी में तैनात डॉक्टर राजनयन सिन्हा की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इस घटना के बाद आईएमए बिहार और बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी दी थी। दोनों ही संघ ने सरकार को असामाजिक तत्वों पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया था।
इसके बाद भवानीपुर पुलिस ने मंगलवार को मारपीट के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पंकज कुमार गुप्ता पिता चंदेश्वरी गुप्ता, रिंकु ठाकुर उर्फ रिक्की ठाकुर पिता उमेश ठाकुर, सोनू कुमार मिश्रा पिता मनोज मिश्रा, राहुल कुमार पिता कौशल किशोर ठाकुर और प्रह्लाद कुमार को हिरासत में लिया है। पुलिस ने पांच आरोपियों पर 14 धाराओं में केस दर्ज किया है।
आईएमए ने डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार का किया समर्थन
भवानीपुर सीएचसी में रविवार को एक प्रसुता की मौत के बाद भीड़ द्वारा डॉक्टर राजनयन सिन्हा के साथ मारपीट की गई। इसके बाद घटना से आक्रोशित डॉक्टरों ने भवानीपुर सीएचसी में कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। डॉक्टरों के इस फैसले को बिहार आईएमए ने अपना समर्थन दिया है। बिहार आईएमए ने मुख्यमंत्री, स्वास्थय मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लेकर कार्रवाई की मांग की है।
अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग
आईएमए बिहार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर राज्य के अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। आईएमए ने इसके लिए पर्याप्त सुरक्षाबल गठित करने की मांग के साथ इपिडेमिक डिजीज एक्ट के प्रावधानों के तहत डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ 10 साल के कारावास की सजा देने की मांग की है।