कोशी लाइव/बिहार/
यू डायस पोर्टल पर सूबे के 1.60 करोड़ बच्चों का सरकारी व निजी स्कूलों ने आधार नंबर नहीं भरा है। इनमें पहली से 12वीं तक के बच्चे शामिल हैं। इन्हें बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने चिह्नित किया है।
मालूम हो कि स्कूलों में नकली नामांकित बच्चों को चिह्नित करने को यू-डायस पोर्टल पर बच्चों का आंकड़ा मांगा गया था।
पटना जिले में 11 लाख 24 हजार 253 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन इनमें 8 लाख 13 हजार 859 छात्र-छात्राओं का आधार नंबर यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध नहीं करवाया गया है। वहीं 2 लाख 53 हजार 512 छात्र-छात्राओं के आधार नंबर को सत्यापन नहीं किया गया है। हर जिले में नामांकन की तुलना में स्कूलों ने 80 से 90 बच्चों का आधार नंबर नहीं दिया है। इस बाबत स्कूलों को नोटिस दिया गया। वहीं जिला शिक्षा कार्यालय को 30 जून तक का समय दिया गया है।
स्कूल की लापरवाही
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की मानें तो निजी और सरकारी स्कूल में कक्षा एक में नामांकन लेने के समय आधार नंबर लिया जाता है। ज्यादातर अभिभावकों द्वारा आधार नंबर दिया जाता है। इसके बावजूद यू-डायस पोर्टल पर बच्चों के आधार नंबर को छुपा लिया गया है। जब जिला शिक्षा कार्यालय के माध्यम से सत्यापन किया गया तो पता चला कि हर स्कूल में बच्चों का आधार नंबर है, इसके बाद भी पोर्टल पर नहीं भरा गया है। अब इसे अनिवार्य रूप से भरने का निर्देश दिया गया है।
दस जिलों के बच्चों के आंकड़े
जिला कुल नामांकन ------ बिना आधार के बच्चों की संख्या
पटना 1124253 -- 813859
भागलपुर 995820 -- 654324
बेगूसराय 636000-- 325649
दरभंगा 1096900-- 789876
गया 1031250-- 765437
मधुबनी 959000-- 567894
मुजफ्फरपुर 1146300--765483
समस्तीपुर 861440-- 435679
नालंदा 766250--467532
प. चंपारण 868500--453267
बच्चों का जारी नहीं होगा यूनिक नंबर: पदाधिकारी
बच्चों का यू-डायस पोर्टल को भरा तो गया है, लेकिन उनका आधार नंबर नहीं दिया गया है। बिना आधार नंबर के बच्चों को यूनिक आईडी नंबर नहीं मिलेगा। बच्चों के आधार नंबर से ही नकली बच्चे पकड़े जायेंगे। -बी कार्तिकेय धनी, राज्य परियोजना पदाधिकारी
पोर्टल पर आंकड़े भरने की अंतिम तिथि 10 तक
स्कूलों को बच्चों के आंकड़ों को दस जून तक भरने का अंतिम समय दिया गया है। अगर दस जून तक छात्रों का आंकड़ा प्रविष्ट नहीं किया जाएगा तो ऐसे स्कूलों का यू-डायस नंबर को रद्द कर दिया जायेगा। बता दें कि अभी तक 1200 से अधिक निजी स्कूलों को यू-डायस कोड रद्द कर दिया गया है।