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बिहारीगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर शेड नहीं रहने के कारण यात्रियों को चिलचिलाती धूप में खड़ा रह कर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। लंबे समय तक रेल सेवा बंद रहने के बाद बिहारीगंज-बनमनखी रेलखंड पर फिर से गत वर्ष अप्रैल में रेल सेवा बहाल की गई। साल भर से अधिक समय बाद भी यात्री शेड नहीं रहने से लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
दो तीन छोटे-छोटे शेड हैं, जिसमें मुश्किल से 10 आदमी भी नहीं बैठ पाते हैं। जबकि यहां बड़ी संख्या में राज्य से बाहर काम के सिलसिले में जाने वाले यात्री रात्रि में प्लेटफॉर्म पर ठहरते हैं। शेड नहीं रहने से धूप, बरसात व गर्मी में दिन हो या रात खुले में गुजारना पड़ता है। इन दिनों हीट वेब चलने से लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है जिससे लू लगने के कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो रहें हैं। ऐसे में शेड नहीं होने विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
शौचालय में लगा रहता है ताला
प्लेटफॉर्म पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने के कारण यात्रियों को बाहर दुकान से खरीद कर पानी पीना पड़ता है। स्टेशन पर केवल एक चापाकल है, जिसमें से आयरनयुक्त पानी निकलता है। दो महीने से रैक प्वाइंट चालू होने से हमेशा प्लेटफार्म पर सैकड़ों मजदूर काम करते हैं। यात्री शेड के निर्माण को लेकर विभाग को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है।
विभागीय आदेश आने पर जल्द ही यात्री शेड का निर्माण करवाया जाएगा। दिनेश कुमार, स्टेशन अधीक्षक, बिहारीगंज।भास्कर न्यूज़ साथ ही बड़ी संख्या में किसान भी अपना मक्का बेचने आते हैं। पेयजल के अभाव में सभी को खरीदकर पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। वहीं स्टेशन पर अव्यवस्था इस तरह फैली हुई है कि यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दो कमरे का एक शौचालय तो बना हुआ है, लेकिन इसमें अधिकांश समय ताला ही लगा रहता है।
जिस कारण ट्रेन का इंतजार करने वाले पुरुष और महिला यात्रियों को शर्मिंदगी का सामना करते कर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। प्लेटफॉर्म पर एक पेशाब घर भी बना हुआ है जो साफ-सफाई के अभाव में बिल्कुल गंदा रहता है।