सार
कहते हैं प्यार अंधा होता है लेकिन प्यार में गहराई भी होती है। अंधा इसलिए क्योंकि युवती ने जिससे प्यार किया वह धोखेबाज निकला। और युवती के प्यार की गहराई ऐसी कि प्रेमी के छोड़ने के बाद गर्भवती युवती ने जो फैसला लिया वह किसी चुनौती से कम नहीं था।
Kosilive News:
बिहार के एक शहर के एक मुहल्ले में रहने वाली एक युवती का दूसरे मुहल्ले के युवक से प्रेम हुआ। दोनों में करीब एक साल तक प्यार मुहब्बत चलता रहा। इस बीच एक दिन प्रेमिका को पेट में जोर का दर्द हुआ। इलाज कराने जब अस्पताल पहुंची तो जांच के बाद डॉक्टर ने जो कहा वह सुनकर मानो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। डॉक्टर ने बताया कि वह गर्भवती है। उसके पेट में गर्भ पल रहा है।
प्रेमी ने मुंह मोड़ा
खुद के गर्भवती होने की बात सुनकर वह ख़ुशी से झूम उठी लेकिन उसे क्या पता कि उसकी यह खुशी क्षणिक है। उसे पता नहीं था कि वह जिस खबर को सुनकर खुश हो रही है कुछ ही देर के बाद उसकी यह ख़ुशी उसे अनंत दुःख के सागर में डुबो देगी। युवती ने तुरंत मोबाइल निकाला और यह पैगाम उसने अपने प्रेमी को बताया कि मैं मां बनने वाली हूं और तुम पिता। युवती की बात सुनकर उस छबीले प्रेमी ने तुरंत अपना रंग बदला और एक झटके में यह स्पष्ट कर दिया कि मेरा न तो तुझसे कोई वास्ता है और न ही तेरे गर्भ में पल रहे उस बच्चे से मेरा कोई रिश्ता है। यह सुनकर उसकी ख़ुशी न जाने कहां खो गई। कुछ देर के लिए उसे लगा कि मेरा सबकुछ खत्म हो गया। लेकिन कहते हैं न कि औरत का दूसरा नाम सती भी है।
यह कहानी किसी फिल्मी से कम नहीं
युवती ने हिम्मत से काम लिया। प्रेमिका के सामने अब दो ही रास्ते थे। पहला यह कि वह गर्भपात करा ले, दूसरा यह कि वह प्रेमी के खिलाफ जंग लड़े और कानून का सहारा लेकर उसे शादी करने पर मजबूर करे। लेकिन नारी त्याग और दया की मूर्ति भी होती है इसलिए उसने तीसरा और अलग रास्ता अख्तियार किया जिसपर चलना उसके लिए किसी संघर्ष से कम नहीं। उसने पेट में पल रहे बच्चे को बिन ब्याही मां बनकर जन्म देने का फैसला लिया।
बेटे को दिया जन्म
बच्चा को जन्म देने के लिए उसने समाज की गाली सुनते हुए नौ माह का इंतजार किया। इंतजार की घड़ियां शुक्रवार को खत्म हुई और उसने औरंगाबाद सदर अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में एक स्वस्थ और सुंदर बेटे को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों ही सुरक्षित हैं। सामान्य और सुरक्षित प्रसव के बाद युवती बिन ब्याही मां बनकर बच्चे को गोद में लिए अपने घर रवाना हो गई।
हां मैने प्यार किया
कोशी लाइव से बातचीत के दौरान उस मां ने कहा कि हां मैने प्यार किया। ये अलग बात है कि मुझे प्यार में धोखा मिला लेकिन इसमें मेरा क्या कसूर। मैं तो धोखेबाज नही हूं। मैं गर्भ गिराकर पेट में पल रहे अपने बच्चा को धोखा नही दे सकती थी, मैं उसकी हत्या नहीं कर सकती थी। बच्चे को मारना पाप था और मैं पापी बनना नहीं चाहती थी। इस कारण मैंने बिन ब्याही मां बनने का फैसला लिया और आज मैं बेटे को जन्म देकर बेहद खूश हूं।
बस यही दुआ है मेरी रब से।
दया की मूर्ति उस महिला ने जिसे आशिक ने बेवफाई का खंजर भोंक दिया उस प्रेमी से भी इसे कोई शिकायत नहीं। उसने कहा कि न तो मुझे मेरे प्रेमी से कोई शिकायत है और न ही इस जमाने से, शिकायत है तो बस अपनी किस्मत से, कि जिसे अपना सबकुछ देकर दिल की गहराई से चाहा उसी ने मुझे धोखा दिया। यह सब होने के बाद भी मैं अपने प्यार को न तो बदनाम होने देना चाहती हूं और न ही प्रेमी पर कोई आंच आने देना चाहती हूं। इसी कारण प्रेमी पर मैनें कोई केस मुकदमा नही किया। महिला ने कहा कि मैं इस बच्चे को माता और पिता दोनों का प्यार देकर इसे नयी जिन्दगी दूंगी और इसी के सहारे अपना पूरा जीवन गुजार दूंगी। बस मेरा यही कहना है कि मुझे दर्द के सागर में डुबोने वाले तू जहां भी रहे खुश रहे... बस यही दुआ है मेरी रब से।