कोशी लाइव/फलका (कटिहार)। बिहार में शराबबंदी के बाद अब नशे के लिए कफ सिरप और स्मैक का उपयोग किया जा रहा है। कोडीन युक्त कफ सिरप और स्मैक की गिरफ्त में युवा तेजी से आ रहे हैं।
प्रखंड क्षेत्र के कई स्थानों पर चोरी-छुपे कफ सिरप और स्मैक बेचा जा रहा है। कटिहार जिले के फलका बाजार सहित पकड़िया स्थित सिनेमा हॉल के समीप प्रतिबंधित कफ सिरप और स्मैक बेचा जा रहा है।
कई चाय-नाश्ता की दुकान और नहर के समीप गुमटीनुमा दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप बेचा जा रहा है। प्रखंड के गोपालपट्टी गांव में देसी और अंग्रेजी शराब के साथ नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही है।
इससे संबंधित एक मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने मनीष और आशीष कुमार नामक दो युवकों को गिरफ्तार भी किया था। नशे के लिए कफ सिरप का उपयोग किए जाने से युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव हो रहा है।
ग्रामीणों ने कहा-कम उम्र के लड़के कर रहे नशा
प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार रंजन, पूर्व प्रमुख सुषमा देवी, पूनम कुमारी, बिलकिश परवीन, मुखिया अनिता गुप्ता, चंदना झा आदि ने कहा कि शराबबंदी का समाज में सकरात्मक प्रभाव हुआ है। अब नशा के लिए युवाओं व कम उम्र के लड़के कफ सिरप, गांजा और स्मैक का उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन को इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
डॉक्टर बोले-पंचायत स्तर पर जागरुकता चलाने की जरुरत
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिाकरी डॉ. दीपक कुमार पटेल ने बताया कि स्मैक व कोडीनयुक्त कफ सिरप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई के लिए इसके दुष्प्रभाव से अवगत कराने को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी पंचायत स्तर पर चलाए जाने की जरूरत है।