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बिहार कैबिनेट में आज जदयू विधायक रत्नेश सदा को शामिल किया गया। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के मंत्री पद से इस्तीफे के बाद आज राज्यपाल ने रत्नेश सदा को मंत्री पद की शपथ दिलाई। सहरसा के सोनबरसा से विधायक रत्नेश सदा मीडिया से बातचीत के दौरान एक बार फिर नीतीश कुमार का जिक्र होने पर भावुक हो गए, और रो पड़े। जब-जब रत्नेश सदा से नीतीश कुमार को लेकर सवाल होता है। तो वो बेहद भावुक हो जाते हैं। और ऐसा ही एक बार आज फिर हुआ। जब वो पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
नीतीश कुमार मेरे भगवान- रत्नेश सदा
रत्नेश सदा ने कहा कि आप नीतीश जी का नाम मत लीजिए। वो मेरे कबीर और विश्वकर्मा हैं। नीतीश कुमार में मैं अपने ईष्ट का दूसरा रूप देखता हूं। ये कहते ही रत्नेश सदा भावुक हो गए। उन्होने कहा कि ये खुशी का आंसू नहीं है। ये बिहार के सभी महादलितों का आंसू है। वो हमारे भगवान की तरह हैं। रत्नेश सदा ने कहा कि नीतीश कुमार के विजन को पूरा करना है।
नीतीश का नाम आते ही भावुक हुए रत्नेश
इससे पहले जेडीयू के विधायक रत्नेश सदा ने आज मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में स्वयं सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह मौजूद रहे। राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलाई। नीतीश के नए मंत्री रत्नेश सदा भी जीतन राम मांझी की ही तरह मुसहर समाज से आते हैं। वो लगातार तीन बार विधायक रह चुके हैं। आज एक बार फिर से नीतीश कुमार का जिक्र आते ही रत्नेश सदा भावुक हो गए, और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
जीतन मांझी की काट रत्नेश सदा!
सियासी जानकारों के मुताबिक जीतन मांझी के महादलित वोटों में सेंध लगाने के लिए रत्नेश सदा को मंत्री पद से नवाजा गया है। इससे पहले रत्नेश सदा ने जीतन मांझी पर हमला बोलते हुए कहा था कि मांझी ने मुसहर समाज के लिए कोई काम नहीं किया। ऐसी कोई लकीर भी नहीं खींची, जिसे याद किया जाए। वहीं आज ही जदयू में माउंटेनमैन दशरथ मांझी के बेटे और दामाद की एंट्री हो गई है। दोनों ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की है।