Kosilive Bihar Bridge Collapse: बिहार के किशनगंज जिले में एनएच 327ई पर निर्माणाधीन पुल का पिलर धंसने पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक्शन में आ गया है। प्राधिकरण ने अपने चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, इसमें पुल निर्माण से जुड़े दो इंजीनियर और दो प्रोजेक्ट मैनेजर शामिल हैं। इसके अलावा एक्सपर्ट की एक टीम को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नेपाल में हुई बारिश से मेची नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस कारण निर्माणाधीन पुल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, पूरी बात विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अवधेश कुमार ने रविवार को कहा कि दो इंजीनियर, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर और डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर को सस्पेंड किया गया है। इंजीनियर आरएन झा और मुकेश कुमार एक निजी फर्म से जुड़े हैं। इसके अलावा राम गोपाल राणा और शैलेश राणा को भी निलंबित किया गया है, इन्हें भी एक निजी फर्म के जरिए हायर किया गया था।
अवधेश कुमार ने कहा कि शुरुआत जांच में यह सामने आया है कि मेची नदी में निर्माणाधीन पुल के दो, तीन और चार नंबर पिलर पर पानी का पूरा भार आ गया। नदी में तेजबहाव के साथ भारी मात्रा में बालू भी आई। इस कारण तीसरे नंबर का पाया ढह गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि पाया 3 की नींव में पानी और बालू के जाने से यह हादसा हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस हादसे की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक कमिटी गठित की गई है। इसमें रिटायर्ड केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के पूर्व एडीजी एके श्रीवास्तव, सीआरआरआई से रिटायर्ड तकनीकी अधिकारी एसके शर्मा और एलएंडटी से वेंकटराम पीजी शामिल हैं। यह टीम मौके पर जाकर पुल की बारीकियों से जांच करेगी, उसके बाद रिपोर्ट एनएचएआई को सौंपेगी।
जीआर इंफ्रा कर रही है निर्माण
बता दें कि किशनगंज के गलगलिया से अररिया तक फोरलेन हाइवे का काम चल रहा है। इस सड़क पर गंभीरगढ़ के पास मेची नदी पर बन रहे पुल का एक पाया शुक्रवार को धंस गया। इसके इस पुल का निर्माण जीआर इंफ्रा करवा रही है। कंपनी के अधिकारियों के द्वारा पुल के धंसे हुए हिस्से को ढंकने की कोशिश भी की गई। कुछ दिन पहले भागलपुर जिले में भी गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढह गया, जो देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।