पूर्व मंत्री ने पोस्ट शेयर कर लिखा कि आज हमारे घर के लाडले कृष्णा हम सभी को छोड़कर परलोक चल गए।2004 में हमारे पति अवधेश मंडल जी उसको लेकर आए थे, और देखते ही देखते वो हम सभी का वफादार बन गया था।
वफादारी इतनी की जब हमारे पति के ऊपर ब्लॉक परिसर में वाद विवाद हुआ था, तो उस दौरान दूसरे पक्षों ने हमारे कृष्णा को भी FIR में नामजद किया गया था।
वो हमारे घर का लाडला था...
दैनिक भास्कर से बात करते हुए पूर्व मंत्री बीमा भारती ने कहा कि कृष्णा घर का चहेता था। घर के सभी सदस्य उसे परिवार का हिस्सा मानते थे। करीब 19 साल से पेट डॉग कृष्णा परिवार के दूसरे सदस्यों की तरह साथ रह रहा था। उम्र होने की वजह से कृष्णा की मौत हो गई।
कृष्णा की मौत के बाद परिवार ने मिलकर कृष्णा के अंतिम संस्कार का फैसला लिया। अवधेश मंडल ने कहा वे उसे 2004 में जब खरीदकर लाए थे। वह बहुत छोटा था। अब उसकी मौत से पूरे परिवार में मायूसी छाई है।
