Kosi Live-कोशी लाइव PURNEA BIHAR/कमजोर पूल बनाने वाला संवेदक ब्लैकलिस्ट:बॉक्स ब्रिज मामले में 48 घंटे के अंदर डीएम की कार्रवाई, जांच में सामने आई अनियमितता - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Tuesday, May 16, 2023

PURNEA BIHAR/कमजोर पूल बनाने वाला संवेदक ब्लैकलिस्ट:बॉक्स ब्रिज मामले में 48 घंटे के अंदर डीएम की कार्रवाई, जांच में सामने आई अनियमितता

पूर्णिया के बायसी में 1 करोड़ 13 लाख की लागत से बन रहे बॉक्स ब्रिज ढहने पर डीएम कुंदन कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संवेदक को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। बायसी प्रखण्ड के चन्द्रगामा पंचायत के मिलिकटोला के सलीम चौक स्थित बॉक्स ब्रिज ढहने की घटना पर डीएम कुंदन कुमार ने खेद प्रकट करते हुए साप्ताहिक बैठक में मौजूद सभी अभियन्ताओं को ये सख्त हिदायत दी है कि आगे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। ऐसी कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही की जाएगी।

डीएम कुंदन कुमार के बायसी में बॉक्स ब्रिज ढहने की घटना पर सख्ती का एक कारण यह भी रहा कि बीते फरवरी माह में ही बायसी के खपड़ा पंचायत के चौनी गांव से 1 करोड़ 14 लाख की लागत से बन रहे एक पूल के ढहने का मामला सामने आया था। इस घटना में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 3 महीने के भीतर जमींदोज हुए निर्माणाधीन पूल की इस दूसरी घटना ने निर्माणकार्य पर सवाल खड़े कर दिए थे।

वहीं 13 मई यानी शनिवार देर रात बायसी प्रखंड के चंद्रगामा पंचायत के मिलिकटोला हाट के सलीम चौक पर 1 करोड़ 13 लाख की राशि से निर्माणाधीन बॉक्स ब्रिज ढहने पर जिले के ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियन्ता कोस्थलीय जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा था।

जांच में अधिकारियों ने पाया कि बॉक्स ब्रिज के तीन पाया तक ढलाई पहले ही हो चुकी थी और एक ही पाया कि ढलाई बाकी रह गई थी। कमजोर सेटरिंग के कारण ढलाई के महज 4 घंटे के भीतर ही ये पुल एकाएक भरभरा कर गिर पड़ा था। बता दें कि बायसी में ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से 16 पुल और 3 सड़क का कार्य कराया जा रहा है। इसमें पूर्णिया में 24 पुल और 17 सड़क तो वहीं धमदाहा में 7 पुल और 2 सड़क का कार्य कराया जा रहा है।

वहीं डीएम कुंदन कुमार ने सभी सम्बन्धित कार्यपालक अभियन्ता को स्वयं इन निर्माण कार्यो का स्थल निरीक्षण करने और मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने का निर्देश दिया है। साथ ही समय-समय पर मॉनिटरिंग करते रहने का भी निर्देश दिया है ताकि गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न आए और बेहतर कार्य हो सके।

संबन्धित कार्यपालक अभियन्ताओं को कार्य स्थल पर जाकर जियो टैग फोटो लेने और कार्य में उपयोग की जा रही सामाग्री का लैब टेस्ट कराने का भी निदेश दिया है। इसके साथ ही वैसे स्थल जहां पूल या डायवर्सन का निर्माणकार्य चल रहा है। वहां रात के समय रिफ्लेक्ट स्ट्रपी लाइट और डायवर्सन से सम्बंधित बोर्ड लगा लगाने का निर्देश दिया गया है। ताकि वाहन दुर्घटनाग्रस्त न हो।