Kosi Live-कोशी लाइव Bihar News: अब सड़क-मंदिर के पास भीख मांगते नजर नहीं आएंगे भिखारी, सरकार दे रही रोजगार; जानें क्‍या है योजना - Kosi Live-कोशी लाइव

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Monday, May 8, 2023

Bihar News: अब सड़क-मंदिर के पास भीख मांगते नजर नहीं आएंगे भिखारी, सरकार दे रही रोजगार; जानें क्‍या है योजना

Kosilive Bihar/अमृतेश, छपरा: शहर में अब सड़क किनारे और मंदिरों के पास कोई भीख मांगता नजर नहीं आएगा, क्योंकि समाज कल्याण विभाग के सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत भीख मांगने वाले लोगों को रोजगार देकर शहर को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा छपरा में पुनर्वास गृह खोला जाएगा, जिसके तहत भिखारियों को कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अभी छपरा में भीख मांगने वाले लोगों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक 20 भिखारियों का ही डेटाबेस तैयार किया गया है। पुनर्वास केंद्र पर समाज के मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्हें तैयार किया जाएगा

जल्‍द बनेगा पुनर्वास गृह.

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत खुलने वाले पुनर्वास गृह के लिए जिला मुख्यालय के आसपास चार जगहों पर अभी निरीक्षण किया गया है। इनमें सदर प्रखंड के बिशनपुरा, मेहिया माला, मुकरेरा एवं डोरीगंज के पास जगह देखा गया है। जल्दी ही पुनर्वास गृह बनाया जाएगा। भीख मांगने वाले लोगों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें पुनर्वास गृह पर कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके बाद उन्हें स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। स्वरोजगार के योग्य एवं इच्छुक भिक्षुकों के लिए चाय की दुकान, फल-फूल एवं सब्जी, ठेला, रिक्शा और किराना दुकान हेतु स्वावलंबन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए उन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी ताकि वह भीख मांगने के बजाय रोजगार कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।

बाल भिक्षुओं के लिए ब्रिज कोर्स।

भीख मांगने वाले बच्चों के लिए ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उन बच्चों का चयन किया जाता है, जो बेहद गरीब हैं, भिक्षुक परिवार से हैं, कुष्ठ रोग से पीड़ित है या फिर कूड़ा-कचरा बीनते हैं। योजना का एक मात्र उद्देश्य शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्य धारा से जोड़कर उन्हें आत्म निर्भर बनाना है। आउटरीच वर्कर बच्चों का सर्वेकर शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। ब्रिज कोर्स में ऐसे बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा प्राथमिक विद्यालय में नामांकन कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना (भिक्षावृत्ति को छोड़िये, आत्मनिर्भर बनें)
भिक्षुकों का आधार कार्ड बनवाना, बैंक खाता खुलवाना, आय एवं विभिन्न प्रमाणपत्र दिलवाना व विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलवाना। दिव्यांग भिक्षुकों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाना, विधवा वृद्धा तथा दिव्यांगता पेंशन का लाभ दिलवाना। अति वृद्ध, बीमार एवं मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला एवं पुरुष भिक्षुकों को भिक्षुक पुनर्वास गृह में रखकर भोजन, वस्त्र, चिकित्सा परामर्श, मनोरंजन एवं कानूनी सलाह उपलब्ध कराया जाएगा। स्वरोजगार के योग्य एवं इच्छुक भिक्षुकों हेतु चाय दुकान, फल-फूल व सब्जी, ठेला, रिक्शा, किराना दुकान एवं अन्य कार्य हेतु स्वावलंबन कार्यक्रम अंतर्गत 10 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता। विभिन्न कार्यालयों/ फर्मों में रोजगार पाने के लिए कौशल प्रशिक्षण एवं नियोजन। उत्पादक समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप) से जोड़कर सामूहिक रूप से सामग्री का उत्पादन एवं बाजार में बिक्री तथा लाभ का आपस में वितरण। निराश्रित बच्चे, बाल भिक्षुकों एवं भिक्षुकों के बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र में भर्ती कराना। भिक्षावृत्ति छोड़ चुके लोगों को उनके परिवार से जोड़ना और उनके लिए कार्य करने हेतु अनुकूल वातावरण प्रदान करना।