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Saturday, April 8, 2023

Temple In Saharsa Bihar: आस्था या अंधविश्वास! इस मंदिर का पानी पीने से नहीं होता ज़हर का असर



Kosi Live Akky/Diwari Temple Saharsa: बिहार के सहरसा जिले में मां विषहरा मंदिर स्थित है, इस मंदिर की दुनियाभर में अलग पहचान है। कहरा प्रखंड के दिवारी स्थान पर स्थित मंदिर को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि, यहां पूजा करने के लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार समेत कई दिग्गज नेचा आ चुके हैं।

देखें वीडियो (दिवारी स्थान सहरसा)



स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा करने के लिए दिग्गजों के आने का सिलसिला लगा रहता है। देश में ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु पूजा करने यहां आते हैं। नेपाल, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार के विभिन्न जिलों से तंत्र साधना के लिए श्रद्धालु मां विषहरा मंदिर में हाजिरी लगाते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालु कभी निराश होकर नहीं जाते हैं। यहां दर्शन करने पर दिल को काफी सुकून मिलता है। उनका मानना है कि मां विषहरि भगवती मंदिर का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है। मंदिर में अनोखी पंरपरा चली आ रही है कि, यहा ब्राह्मण पुजारी नहीं होता है। नाई जाति के ही वंशज ही पुजारी बनते हैं।

ग्रामीणों का यह भी दावा है कि दुनिया भर एक ऐसा मंदिर है, जहां एक साथ पांच देवियों की पूजा होती है। ग़ौरतलब है कि ये अलग-अलग देवियां नहीं हैं, बल्कि पांचों आपस में बहने हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में हाजिरी लगाने वाले श्रद्धालुओं की मन्नत ज़रूर पूरी होती है।

मंदिर के पुजारी उपेंद्र भक्ता की मानें तो सैकड़ों वर्ष पहले मंदिर का निर्माण हुआ है। इस स्थान को लोग आदि शक्ति की भी संज्ञा देते हैं। मां भगवती विशाला विष की आदि शक्ति मल्लिका हैं। पुजारी ने बताया कि मंदिर में विराजमान दूतला देवी, मनसा देवी, मां भगवती, विषहरा और पायल देवी बहने हैं। भगवती मंदिर की यह भी एक मान्यता है कि देवियों पर चढ़ाए गए जल को पीने से ज़हर का असर नहीं होता है। किसी इंसान को अगर सांप या बिच्छू डस ले तो उसे देवियों को चढ़ाया पानी पिलाने से जहर नहीं चढ़ेगा।