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Friday, April 21, 2023

SAHARSA NEWS:प्रगति क्लासेज की तीन मंजिला छात्रावास से गिर छात्रा की मौत, सवाल: किसी ने धक्का दिया या खुद कूदी?


Kosi Live Saharsa/कोचिंग संचालक की लापरवाही:प्रगति क्लासेज की तीन मंजिला छात्रावास से गिर छात्रा की मौत, सवाल: किसी ने धक्का दिया या खुद कूदी?

सिस्टम से खेल , बिना रजिस्ट्रेशन के कई वर्षों से चल रहे कोचिंग संस्थान में नहीं थी सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था
घटना के पीछे कुछ और मामला होने का संदेह, सूचना के बावजूद जांच में आनाकानी करती पुलिस
शहर के रिफ्यूजी कॉलोनी कहरा रोड में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे कोचिंग संस्थान प्रगति क्लासेज के संचालक की लापरवाही के कारण डाक्टर बनने का सपना लेकर पढ़ाई कर रहीं बेटी की छत से गिरने से मौत हो गई। छात्रा की पहचान सौर बाजार के शिक्षक की बेटी लक्ष्मी के रूप में हुई है। तीन मंजिला छात्रावास से गिरने से मौत हुई है। बेटी की मौत के बाद परिजनों ने कोचिंग संचालक पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। छात्रा ने खुद कूदकर जान दी है या फिर किसी विवाद में उसे धक्का देकर छत से गिरा दिया गया है, यह जांच का विषय है। इस मामले में संस्थान के स्तर से कई लापरवाही की बात भी सामने आई है। छात्रा के पिता का आरोप है कि यह एक सोची समझी घटना है। दिन के करीब 12 बजे हुए हादसे के बाद छत से गिर कर घायल हुई छात्रा लक्ष्मी को गंभीर स्थिति में सूर्या हॉस्पीटल लाया गया। उसके सिर और शरीर के कई हिस्सों में अंदरूनी चोट थी। सूर्या हॉस्पीटल के संचालक डा. विजय शंकर ने घायल छात्रा को बचाने का अंतिम क्षणों तक काफी प्रयास किया, लेकिन करीब 5 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। रविन्द्र यादव ने कहा मेरी बेटी के पास कोई मोबाइल नहीं था। जबकि कोचिंग संचालक नंदन कुमार का कहना था कि छात्रा हॉस्टल से बाहर जाकर मोबाइल खरीदी थी, जिसकी चोरी हो गयी। छात्रा के पिता ने कोचिंग संस्थान की लचर सुरक्षा व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी कैसे हॉस्टल से बाहर निकली? और मोबाइल कौन खरीद कर दिया? इसकी रिपोर्ट संचालक ने परिजन को क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि मोबाइल चोरी या किसी विवाद में मेरी बेटी को छत से धकेला गया है या खूद कूदी।


बेटी को डाक्टर बनाने का था सपना, इसलिए भेजा यहां

सौर बाजार थाना क्षेत्र के गढ़िया निवासी प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने वाले रविन्द्र यादव अपनी पुत्री को डॉक्टर बनाने का सपना लिए शहर भेजा था। उन्हें क्या पता था कि बेटी अब लौट कर नहीं आएगी। बीते 8 अप्रैल को बजाप्ता फीस देकर छात्रावास में रखा गया। छात्र की मौत तीन मंजिला भवन से गिरने से हुई। हालांकि समाचार प्रेषण तक कोचिंग संचालक परिजन और थाना पुलिस को मैनेज करने में लगे थे।

कहां हुई लापरवाही, कोचिंग में बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी
कोचिंग संस्थान में छात्रा की तीन मंजिला भवन से गिर कर हुई मौत मामले में संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। दश्कों से चल रहे इस संस्थान का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। छात्रावास से बच्चों के आने जाने पर किसी तरह की सख्ती नहीं रहती। मृतक छात्रा छत पर गयी इसकी निगरानी के लिए न तो कोई सीसीटीवी कैमरा था और न ही नजर रखने वाले कोई थे।

बिना रजिस्ट्रेशन के सैकड़ों कोचिंग व छात्रावास
प्रगति क्लासेस के संचालक नंदन कुमार ने मीडिया के सवाल के जवाब में यह स्वीकार किया कि उनके कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन नहीं है। ऐसे में अवैध रूप से शहर में प्रगति क्लासेज सहित सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित रहना और बगैर पुलिस को सूचना दिए छात्रावास चलाना और छात्राओं को रखना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

बचपन से ही पढ़ने में तेज थीं छात्रा

पीड़ित पिता रविंद्र कुमार यादव और मां अरुणा देवी ने रोते हुए बताया कि उनकी बच्ची पढ़ने में तेज थी। बचपन से ही वह बिहारीगंज के स्थित निजी स्कूल में पढ़ती रही थी। जहां से सीबीएसई से 10 वीं की परीक्षा दी। बिहारीगंज में आज तक कोई शिकायत नहीं आयी। जिसके बाद वापस घर पहुंची थी। समय बर्बाद न हो इसके लिए वह कोचिंग करने सहरसा पहुंच गई।

कुछ दिन पहले ही आए थे परिवार के सदस्य

बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व छात्रा ने अपने परिजन को सूचना दी कि छात्रावास में थाली , कटोरे की दिक्कत है। साथ ही कुछ अन्य सामानों की भी आवश्यकता है। ऐसे में मां , छोटी बहन और छोटा भाई मिलने कोचिंग पहुंचे थे। काफी देर तक छात्रावास में रहकर उनसे बात होती रही। लेकिन किसी भी तरह का कोई दिक्कत सामने नहीं आया।