कोशी लाइव/मधेपुरा:14 नए कोरोना पॉजिटिव मिले:अस्पताल में भी नहीं हो रहा कोरोना गाइडलाइन का पालन, टीका के लिए भी नहीं पहुंच रहे लोग
कोरोना के नए वेरिएंट ने जिले में पांव पसारना शुरू कर दिया है। मधेपुरा में अब तक 14 लोग कोरोना पॉजेटिव पाए गए हैं। आठ महीने बाद कोरोना के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। लेकिन लोग एहतियात बरतने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। बाजार में भीड़ व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने से स्वास्थ विभाग के माथे की लकीरें खींच गई है।
वहीं अस्पतालों में भी कोरोना गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिख रहा है। इलाज कराने पहुंच रहे लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। वहीं कोरोना का बूस्टर डोज लेने के प्रति भी लोगों की सुस्ती भी विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार सोमवार से फिर शुरू हुए बूस्टर डोज लेने कोई लोग सेंटर नहीं पहुंच रहे हैं।
जिला प्रतिरक्षण कार्यालय के अनुसार तीन दिन में एक भी लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लिया है। विभाग का मानना है कि लोगों की लापरवाही बहुत मंहगी पड़ सकती है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विपिन कुमार गुप्ता का कहना है कि हमलोगों ने जागरूकता के लिए पूरे जिले के कार्यक्रम किया गया लेकिन लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं।
17 अप्रैल को मधेपुरा पहुंचा 400 वायल
कोरोना से निबटने व उसके रोकथाम के लिए सरकार ने 17 अप्रैल को 400 वाइल मधेपुरा भेजा गया है। जिसमें बूस्टर डोज व 12-14 वर्ग आयु का वैक्सीन है। इसे सही ढंग से क्रियान्वित करने के लिए डीएचएस अपने स्तर से जागरूकता कार्यक्रम भी आशा कार्यकर्ता से लेकर पीएचसी कर्मी तक के बीच शुरू किया। बावजूद डोज लेने कोई नहीं आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार इसके पीछे लोगों की गलतफहमी भी है। एक ने बताया कि जिसने भी पहले डोज लिया है, उसे पोस्ट कोविड सिंड्रोम जैसी बात आई है। वहीं एक आम धारणा बैठ गई है कि वैक्सीन डोज लेने वालों को ही हार्ट अटैक व अन्य समस्या आ रही है। जबकि इस बात को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी एक सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं आया है। यह वैक्सीन शरीर में इम्युनिटी बढ़ाता है।
बेपरवाही न पड़ जाए भारी, 20% स्वास्थ्यकर्मी ही पहन रहे मास्क
कोरोना से बचाव में मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग काफी मायने रखता है। लेकिन इससे स्वास्थ्यकर्मी व सरकारी विभाग के लोग भी बेपरवाह है। वर्तमान स्थिति यह है कि मात्र 20% स्वास्थ्यकर्मी ही मास्क पहनता है। जबकि 5% सरकारी विभाग के लोग मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। जब सरकारी के मुलाजिम ही कोरोना के प्रति इस कदर बेपरवाह रहेंगे तो आम आदमी की बात ही अलग है। यही कारण है कि विभाग से लेकर बाजार तक कोरोना के प्रति लोगों में डर नहीं दिख रहा है।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बावजूद लोगों का इस तरह बेपरवाह रहना खतरे से खाली नहीं है। जो लोग बूस्टर डोज नहीं लिए हैं, वो हर हाल में लें ले। वहीं मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होनी चाहिए।
-डॉ. विपिन कुमार गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, मधेपुरा
कोरोना का पहले वाला गाइडलाइन ही जारी रहेगा। लोगों को हर हाल में गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। स्थिति पर हमलोगों की पैनी नजर है।
-धीरज कुमार सिन्हा, एसडीएम, मधेपुरा