Kosi Live Health Tips/कैंसर बिहार में तेजी से फैल रही बीमारियों में शुमार हो गया है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा दिखाई पड़ रहे हैं। शुरुआती में पहचान हो जाती है तो एक छोटे ऑपरेशन अथवा चीरे से ही स्तन कैंसर का पूरी तरह से निदान संभव है।
इसके लिए कीमोथेरेपी और रेडिएशनथेरेपी की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे महिलाओं को परेशानी भी कम होगी। ये बातें जयप्रभा मेदांता की स्तन कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. निहारिका राय ने मेदांता कॉन्क्लेव के दूसरे दिन कही।
पटना के एक होटल में आयोजित कॉन्क्लेव के दूसरे दिन कैंसर और इसके अत्याधुनिक इलाज विषय पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने चर्चा की। डॉ. निहारिका ने कहा कि पिछले एक साल में मेदांता में अलग-अलग प्रकार के लगभग 700 से 800 कैंसर पीड़ितों का सफल इलाज किया जा चुका है। वहीं डॉ. सरिता शर्मा ने महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के इलाज और बचाव के बारे में जानकारी दी। कहा कि एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय है।
कॉन्क्लेव में डॉ. अमरेंद्र अमर ने बुजुर्गों में होने वाले कैंसर की जटिलताओं और उससे होने वाली परेशानियों को कम करने के उपाय बताए। डॉ. अमित ने फेफड़े के कैंसर और डॉ. संदीप ने पैंक्रियाटिक कैंसर से संबंधित इलाज की नई तकनीक की जानकारी दी। इस दौरान पद्मश्री डॉ. शांति राय, डॉ. अनिता सिंह, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रिदु शर्मा, डॉ. क्षिपा राय समेत शहर के कई जाने माने कैंसर व स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद थे। एक तरफ जहां राज्यभर के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर मेडिकल साइंस के क्षेत्र में हो रहे नये बदलाव के बारे में डॉक्टरों को पूरी जानकारी मिली।
मेदांता कॉन्क्लेव का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उन्होंने मेदांता में कैंसर का इलाज शुरू किए जाने की घोषणा की थी। इस अस्पताल में गरीब तबके के लिए 25 फीसदी सीटें रिजर्व रखने की बात कही गई।
क्या हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
WHO के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं को होने वाला सबसे कॉमन प्रकार कैंसर है। स्तन कैंसर एक ऐसी स्थिति है जब कुछ जीन में बदलाव के कारण स्तन की कोशिकाएं विभाजित होती हैं और अनियंत्रित रूप से बढ़ने और फैलने लगती हैं। आम तौर पर ब्रेस्ट के दूध उत्पादक ग्रंथियों या नलिकाओं में कैंसर बनता है, जो ग्रंथियों से निप्पल तक दूध पहुंचाता है। शुरुआत में ब्रेस्ट कैंसर एसिम्पटोमेटिक यानि कि लक्षणहीन हो सकता है। इसका पता नहीं चल पाता है। ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण ब्रेस्ट कैंसर के प्रकार पर भी निर्भर करते हैं। हालांकि इस कैंसर का सबसे आम संकेत गांठ होता है। लेकिन यह भी ध्यान रखें कि हर गांठ का मतलब कैंसर नहीं होता है। मोटा मोटी ब्रेस्ट कैंसर के कुछ लक्षण इस प्रकार के होते हैं।
1. स्तन में कठोर 'गांठ' महसूस होना। आमतौर पर ये गांठ में दर्द नहीं होती।
2. ब्रेस्ट के निप्पल से गंदे खून जैसा तरल पदार्थ निकलना
3. ब्रेस्ट के आकार में बदलाव हो जाना
4. अंडरआर्म में गांठ या सूजन आना
5. निप्पल का लाल होना, आदि।
हालांकि, ये लक्षण ब्रेस्ट कैंसर के अलावा किसी और बीमारी के भी हो सकते हैं। इसलिए इस तरह के संकेत दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें और जरूरी जांच करवाएं।