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Sunday, April 16, 2023

बिहारः 48 लाख मनरेगा जॉब कार्ड रद्द, नेट पर चेक करलें आपना कार्ड; अवैध पेमेंट लिया है तो लौटाना पड़ेगा

Kosi Live Bihar/बिहार में मनरेगा जॉब कार्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। उसके बाद 47 लाख 72 हजार 349 मनरेगा जॉब कार्ड रद्द कर दिए गये हैं। आगे से फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

इतनी बड़ी तादाद में नकली तथा अनुपयोगी जॉबकार्ड को रद्द किये जाने की पुष्टि ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने भी की। वहीं, मनरेगा आयुक्त राहुल कुमार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि फर्जीवाड़े पर कार्रवाई करें। किसी प्रकार के नकली जॉबकार्ड पर कोई भुगतान लिया गया हो तो राशि की वैसूली की जाएगी।

श्रमिकों के मनरेगा जॉब कार्ड को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय का अनुपालन बिहार में भी सख्ती से हो रहा है। इसको लेकर दिसम्बर और जनवरी में विशेष अभियान चलाया गया था। इस विशेष अभियान के साथ ही अबतक जॉबकार्ड की समीक्षा चल रही है। इस क्रम में सभी 38 जिलों को मिलाकर 47,72, 349 पारिवारिक जॉब कार्ड वित्तीय वर्ष 2022-23 में निरस्त किये गये हैं। इन हाउसहोल्ड जॉबकार्ड को मनरेगा पोर्टल से डिलीट करने का बड़ा असर श्रमिकों के जॉब कार्ड पर भी पड़ा है। 

जिन पौने 48 लाख हाउस होल्ड जॉब कार्ड को रद्द कर दिया गया है उनमें सबसे अधिक वैशाली में 3,95,299 तो पटना जिले में 3 लाख 918 हैं। समस्तीपुर में 2,38,557, दरभंगा में 2,22,689, अररिया में 2,21,293, भोजपुर में 2 लाख 7126, कटिहार में 2 लाख 3241, गया में 2,01,764, भागलपुर में 2,11764 हाउसहोल्ड जॉबकार्ड रद्द किये गये हैं। एक से 1.85 लाख तक जॉबकार्ड रद्द होने वाले जिलों में बेगूसराय, बक्सर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया आदि हैं। मनरेगा आयुक्त राहुल कुमार ने इसी सोमवार को जिलों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में मनरेगा कार्डों का 100 फीसदी आधार सीडिंग का निर्देश दिया है।

डुप्लीकेट, अनुपयोगी और मृतकों के भी कार्ड

इतनी बड़ी तादाद में कार्ड निरस्त तब किया गया जब आधार सिडिंग अभियान के दौरान इन्हें फर्जी, डुप्लीकेट और अनुपयोगी पाया गया। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जो कार्ड रद्द किये गये हैं वे तकरीबन आधा दर्जन प्रकार के थे। जिस नाम से जॉबकार्ड था उस नाम का कोई व्यक्ति ही नहीं मिला। दूसरे प्रकार के निरस्त कार्ड ऐसे थे कि एक ही परिवार ने दो-दो हाउसहोल्ड कार्ड बना रखे थे। ऐसे कार्ड भी बड़ी संख्या में निरस्त हुए हैं जो कार्डधारी परिवार या श्रमिक पलायन कर चुके हैं। वैसे कार्ड भी रद्द हुए हैं जिनमें कार्डधारक अब जिंदा नहीं हैं। जांच व अभियान के दौरान ऐसे कार्ड भी मिले जिनपर आजतक कोई काम नहीं लिया गया और कार्डधारी काम करने की इच्छा नहीं रखते हैं।

क्या कहते हैं मंत्री

मंत्री ग्रामीण विकास विभाग श्रवण कुमार ने कहा है कि फर्जीवाड़े की समीक्षा कर कार्ड हटा रहे हैं। अनुपयोगी और नकली कार्ड रद्द करने की कार्रवाई जारी रहेगी। जॉब कार्ड के फायदे को लेकर श्रणिकों को जागरूक भी कर रहे हैं। आवास योजना का लाभ, 100 दिन काम समेत कार्ड के कई लाभ हैं।

श्रमिकों के लिए खोले जाएंगे सहायता केंद्र।

देश के कुछेक राज्यों में श्रमिकों के लिए सहायता केंद्र खोले जाएंगे। श्रम संसाधन विभाग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में लाखों लोग जाकर काम कर रहे हैं। उन्हें वहां किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसको लेकर श्रम संसाधन विभाग ने वैसे सभी राज्यों में माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर शुरू करने का निर्णय लिया है, जहां बिहार श्रमिकों की संख्या अधिक है।

यहां पर श्रम संसाधन विभाग इंडस्ट्री पार्टनर बनायेगी और मजदूरों को रोजगार के अलावे अन्य सुविधाएं भी मुहैया करायेगी। पहले चरण में दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, तमिलनाडु के श्रम अधिकारियों से पत्राचार शुरू कर दिया गया है। इस साल के अंत तक राज्यों में सेंटर की स्थापना करने को लेकर काम किया जा रहा है।