Kosi Live-कोशी लाइव बिहार में गर्मी के 13 साल का रिकॉर्ड टूटा, अगले तीन दिन और मुश्किल, पटना समेत कई जिलों में हीट वेव का अलर्ट - Kosi Live-कोशी लाइव

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Tuesday, April 18, 2023

बिहार में गर्मी के 13 साल का रिकॉर्ड टूटा, अगले तीन दिन और मुश्किल, पटना समेत कई जिलों में हीट वेव का अलर्ट

Kosilive Bihar News/बिहार में झुलसाने वाली गर्मी के बीच राज्य मुख्यालय ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि जिला अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एपीडेमिक रिस्पांस कमेटी को सक्रिय किया जाए। इसके साथ गर्मी की लहर से बचाने के लिए बरती जानेवाली सावधानियों के बारे में आम लोगों को जागरूक किया जाए।

बिहार के कई जिले भीषण गर्मी की चपेट में है। राजधानी पटना समेत प्रदेश में 30 जिलों के अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। इस पूरे हफ्ते लू की स्थिति बने रहने का पूर्वानुमान है। बुधवार को प्रदेश के भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, सुपौल जिले के कुछ स्थानों पर हीट वेव की स्थिति बने रहने की संभावना है। प्रदेश के दक्षिणी मध्य और दक्षिण पूर्व भागों में भी लू का प्रभाव जारी रह सकता है।

अगले तीन से चार दिनों के दौरान सतही हवा का प्रवाह 10-20 किमी प्रतिघंटा व झोंके के साथ 30 किमी प्रतिघंटा रहने की संभावना है। उत्तर बिहार में धूप दहका रही है, धरती अंगार की तरह तप रही है। सोमवार, यानी 17 अप्रैल को बीते 13 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया। कल का दिन सर्वाधिक गर्म रहा है। 2022 में इस तिथि को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि इस वर्ष यह 40.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक तापमान में वृद्धि होने का पूर्वानुमान जारी किया है। राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री ज्यादा रहा। न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। पछिया हवा 7.4 किलोमीटर की गति से चली।

मौसम विज्ञानी डा. ए. सतार ने बताया कि अगले तीन दिनों तक शुष्क हवा के कारण लू चलेगी। पूर्वानुमान की अवधि में आसमान में हल्के बादल आ सकते है। औसतन 10 से 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछिया हवा चलेगी।


एसकेएमसीएच में मेडिसिन विभाग के वरीय चिकित्सक डा. एके दास का कहना है कि इस मौसम में तेज सिरदर्द, चक्कर, गर्म और सूखी स्कीन, मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन, मतली और उल्टी, धड़कन का तेज होना, सांस लेने में तकलीफ, दौरे आना व बेहोशी की हालत बन जाती है।

लू से बचाव के लिए सीधे सूर्य के संपर्क में आने और लंबे समय तक गर्म व नम वातावरण में रहने से बचें। सिर और चेहरे को ढकें। ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें। खूब पानी व तरल पदार्थ का सेवन करें। सुबह 11 बजे से शाम चार बजे के बीच घर के अंदर रहने की कोशिश करें। लू के लक्षण होने पर सीधे विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें। अपनी मर्जी से किसी तरह की दवा का सेवन नहीं करें।


बीते 13 वर्षों में 17 अप्रैल को ऐसा रहा अधिकतम तापमान।

(डिग्री सेल्सियस में)

वर्ष- तापमान

2023-40.5

2022-39.8

2021-35.3

2020-35.3

2019-36.0

2018-36.6

2017-31.4

2016-37.0

2015-35.6

2014-38.5

2013-34.5

2012-36. 3

2011-36.4

2010-35.0

राज्य मुख्यालय ने जारी की एडवाइजरी
एकीकृत रोग निगरानी परियोजना के राज्य सर्वेक्षण पदाधिकारी डा. रणजीत कुमार की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। कहा गया है कि जिला अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एपीडेमिक रिस्पांस कमेटी को सक्रिय किया जाए। इसके साथ गर्मी की लहर से बचाने के लिए बरती जानेवाली सावधानियों के बारे में आम लोगों को जागरूक किया जाए। अस्पतालों में ओआरएस, आवश्यक दवा, आइवी तरल पदार्थ, आइस पैक और उपकरणों की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

 
सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। मानक उपचार प्रोटोकाल का उपयोग करके हीट स्ट्रोक वाले मामलों में पीड़ित का इलाज किया जाए। अस्पताल के बाहर किसी भी आपात हालत के लिए रैपिड रिस्पांस टीम को सक्रिय रखा जाए। वह तत्काल वहां पर पहुंचकर उपचार करे। पीएचसी से लेकर हर जगह पर लू से बचाव के लिए जागरूकता पोस्टर जारी किया जाए। आशा के माध्यम से भी जागरूकता लाई जाए। आपात स्थिति में टाल फ्री नंबर 104 पर डायल करें