रविवार की दोपहर सदर थाना क्षेत्र के रिफ्यूजी कॉलोनी, वार्ड नंबर-6 में एक विवादित जमीन की घेराबंदी करने के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद गोली मारकर हत्या की घटना में पुलिस को कई अहम सुराग मिला है। जमीन विवाद के कारण हुई हत्या और इसके बाद हिंसक झड़प और आगजनी की घटना के बाद एसपी लिपि सिंह सोमवार को पुलिस पदाधिकारियों के साथ घटनास्थल की बारीकी से जांच की। एसपी के साथ सदर डीएसपी संतोष कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी निशिकांत भारती एवं सदर थाना अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद मौजूद थे। एसपी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घटनास्थल, विवादित जमीन, तोड़फोड़ में टूटे घर, जली बाइक व वाहन सहित हत्या के सभी साक्ष्यों की बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी लिपि सिंह ने कहा कि घटना में शामिल अपराधियों सहित अन्य लोगों की पहचान कर ली गयी है। बहुत जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
छोटू की हत्या मामले में मिले कई महत्वपूर्ण सुराग
सोमवार को पुलिस कार्यालय द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह द्वारा रिफ्यूजी कॉलोनी क्षेत्र में हुई हत्या के मामले की छानबीन की गई। हत्या के मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। बाद में एसपी सौर बाजार थाना क्षेत्र में बीते दिनों एक पत्रकार विक्रम भारती की मौत के मामले की जांच करने पहुंची। एसपी ने उक्त स्थल का मुआयना किया जहां बाइक दुर्घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच में ही यह पता कर लिया है कि विक्रम की मौत बाइक दुर्घटना के कारण ही हुई थी। इसकी पुष्टि दुर्घटना के बाद विक्रम भारती द्वारा सौर बाजार थानाध्यक्ष को अपने मोबाइल से की गयी बातचीत से भी हुई है।
जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने के गिरोह का हो सकता है खुलासा
रिफ्यूजी कॉलनी क्षेत्र में रविवार की शाम जमीन घेराबंदी को लेकर उत्पन्न विवाद में एक व्यक्ति की हत्या और इसके बाद आगजनी की घटना की जांच में जुटी पुलिस जिले में जमीन के चल रहे फर्जी दस्तावेज कारोबार का उद्भेदन कर सकती है। हत्या आरोपी भवेश पासवान के घर मिले जमीन संबंधी लोगों के ढेरों दस्तावेज से इस बात की संभावना प्रबल हो गयी है कि उसके घर में जमीन संबंधी कागजातों का कथित कारोबार भी होता था।
भवेश पासवान के घर कई भू-माफियाओं का था आना-जाना
भवेश पासवान के संबंध में कई लोगों ने बताया कि वह कहरा अंचल में फर्जी मुंशी के रूप में काम करता है और जमीन के अधिकतर दस्तावेजों की हेराफेरी में वह मास्टर माना जाता है। उसकी पैठ राजस्व कर्मचारी से गहरी होने के कारण उसके घर भू-माफियाओं का आना जाना लगा रहता है। कहते हैं कि सहरसा में जमीन विवाद का बड़ा कारण एक ही जमीन के कई फर्जी कागजात संगठित गिरोह द्वारा तैयार करना है।
