पूर्णिया के महबूब खां टोला में पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में स्मैक, गांजा, नशीला पदार्थ व नकद बरामद किया था। इस धंधे के सरगना विक्की उर्फ फजला को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। विक्की देखने में तो सीधासाधा दिखता है, लेकिन इसके कारनामों के बारे में सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे।
विक्की की उम्र महज 24 साल है। बचपन से ही गलत संगत में रहने की वजह से मां-बाप ने सरकारी स्कूल में भर्ती करा दिया। स्कूल में दोस्तों के साथ मारपीट और झगड़ा करने से उसे निकाल दिया गया। उसके बाद विक्की कभी स्कूल गया ही नहीं और आवारागर्दी करने लगा।
मां-बाप ने घर से निकाला तो मामा ने दिया संरक्षण
विक्की के पड़ोसियो ने बताया कि मां-बाप ने तंग आकर उसे बचपन में ही घर से निकाल दिया था। बगल में मामा ने आश्रय और संरक्षण दिया। लेकिन फिर भी उसमें कोई सुधार नहीं हुआ और वह निरक्षर रह गया। मामा के घर में दुलार-प्यार ने उसे और भी बिगाड़ दिया। धीरे-धीरे वह शराब और नशे का लती हो गया।
पड़ोसियों ने बताया कि वह ऑटो भी चलाता है। ऑटो चलाने के बहाने ही वह स्मैक व शराब बेचता था। इस तरह लोग उसे टेम्पू ड्राइवर के नाम से भी जानने लगे थे।
चार साल से करता था स्मैक और शराब का धंधा
विक्की का नाम पहले फजला था, लेकिन उसने बाद में खुद विक्की रख लिया। चार साल पू्र्व वह दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने सिल्लीगुड़ी व बंगाल जाता था। वहीं पर शराब तस्कर व स्मैक के धंधेबाजों के साथ पहचान हो गई। फिर वह बंगाल से स्मैक, तरह तरह के नशीले पदार्थ व शराब लाकर पूर्णिया व आसपास के क्षेत्रों में परोसने लगा।
विक्की ने युवकों को लालच देकर अपने गिरोह में शामिल कराया और खुद सरगना बन गया। और देखते ही देखते वह लखपति हो गया। पुलिस काफी दिनों से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह हर बार बच जाता था।

