Kosi Live-कोशी लाइव Sawan 2021: इस दिन से शुरू हो रहा है सावन का महीना, जानें सोमवारी व्रत का महत्व - Kosi Live-कोशी लाइव

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Friday, June 18, 2021

Sawan 2021: इस दिन से शुरू हो रहा है सावन का महीना, जानें सोमवारी व्रत का महत्व


इस साल भगवान भोलनाथ का सबसे प्रिय माह सावन 25 जुलाई से शुरू हो रहा है. हिंदू धर्म में सावन (Sawan 2021) का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सावन में शिवजी की अराधना करने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती हैं. सावन महीने में पड़ने वाले सोमवार का खास महत्व है. कहा जाता है कि सावन सोमनवार व्रत करने वालों पर महादेव विशेष कृपा बरसाते हैं. वहीं सावन में पूरी विधि-विधान के साथ भगवान शिव माता गौरी की पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी का भी आशीर्वाद मिलता है.

वहीं बता दें कि सावन में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है. सावन के महीने में हर साल कावंड़िए कावंड़ लेकर शिव के दर्शन के लिए बैद्यनाथ धाम जाते हैं.

यहां के प्राचीन शिव मंदिर में स्थित मनोकामना शिवलिंग को द्वादश ज्योतिर्लिगों में सर्वाधिक महिमामंडित माना जाता है.

 

सावन की शुरुआत

सावन महीना प्रांरभ तारीख- 25 जुलाई 2021

सावन महीना समापन तारीख- 22 अगस्त 2021

सावन में शिव पूजा सोमवार के व्रत से मिलेगा ये लाभ-

1. सोमवार व्रत का संकल्प सावन में लेना सबसे उत्तम होता है. सावन के अलावा सोमवार का व्रत अन्य महीनों में भी किया जा सकता है.

2. कुंडली में आयु या स्वास्थ्य बाधा हो या मानसिक स्थितियों की समस्या हो इससे भी छुटकारा मिलता है.

3. सोमवार का दिन चन्द्र ग्रह का दिन होता है चन्द्रमा के नियंत्रक भगवान शिव हैं इसलिए इस दिन पूजा करने से न केवल चन्द्रमा बल्कि भगवान शिव की कृपा भी मिल जाती है.

सावन में पड़ने वाले सोमवार-

पहला सोमवार- 26 जुलाई

दूसरा सोमवार- 02 अगस्त

तीसरा सोमवार- 09 अगस्त

चौथा सोमवार- 16 अगस्त

ऐसे करें भगवान भोले को प्रसन्न-

1. सावन में रोज 21 बेलपत्रों पर चंदन से 'ऊं नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

2. विवाह में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मिला दूध चढ़ाएं. इससे विवाह में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी.

3. घर में नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए सावन में रोज सुबह घर में गंगाजल का छिड़काव करें धूप जलाएं.

4. सावन में गरीबों को भोजन कराने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. इससे घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती साथ ही पितरों को भी शांति मिलती है.

5. सावन में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निपट कर मंदिर या फिर घर में ही भगवान शिव का जलाभिषेक करें. इसके साथ ही 'ऊं नम: शिवाय' मंत्र का जाप करें.

6. आमदनी बढ़ाने के लिए सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें उसकी यथा विधि पूजन करें. इस दौरान इस मंत्र का 108 बार जाप करें. 'ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं'

7. प्रत्येक मंत्र के साथ बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाएं. बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें. अंतिम 108 वां बेलपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें इसे घर के पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन पूजा करें.

8. संतान प्राप्त‍ि के लिए सावन में गेहूं के आटे से 11 शिवलिंग बनाएं प्रत्येक शिवलिंग का शिव महिम्न स्त्रोत से 11 बार जलाभिषेक करें.

9. सावन में किसी सोमवार को पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करने से बीमारियां दूर होती हैं. अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन को छोड़कर किसी भी धातु का उपयोग किया जा सकता है.

10. सावन में किसी नदी या तालाब में जाकर आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं साथ ही साथ मन में भगवान शिव का ध्यान करें इससे आपको मनचाहे फल की प्राप्ति होगी.

माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए किया था तप

भगवान शिव को पार्वती ने पति रूप में पाने के लिए पूरे सावन महीने में कठोर तपस्‍या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनकी मनोकामना पूरी की. अपनी भार्या से पुन: मिलाप के कारण भगवान शिव को सावन का यह महीना अत्यंत प्रिय हैं.

यही कारण है कि इस महीने कुंवारी कन्या अच्छे वर के लिए शिव जी से प्रार्थना करती हैं. यह भी मान्यता हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव ने धरती पर आकार अपने ससुराल में विचरण किया था जहां अभिषेक कर उनका स्वागत हुआ था. इसलिए इस माह में अभिषेक का महत्व बताया गया हैं.