सहरसा। प्रखंड के मध्य विद्यालय कचरा में बीते दिन हथियार का भय दिखाकर छात्रा के साथ छेड़छाड़ मामले को लेकर सोमवार को विद्यालय नहीं खुला है। संकुल संसाधन केंद्र कचरा के समन्वयक मनीष चंद्रमणि ने बताया कि मध्य विद्यालय कचरा में पदस्थापित सभी शिक्षकों ने जान पर खतरा की आशंका जताते हुए प्रखंड शिक्षा कार्यालय में सौरबाजार में योगदान देने का निर्णय लिया है। निर्णय की कापी संकुल समन्वयक को भेज दिया गया है। वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विद्यालय बंद रहने की जानकारी मुझे नहीं है। जानकारी प्राप्त कर विद्यालय बंद करने का निर्णय किसके आदेश से किया गया है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति में विद्यालय परिसर में इस तरह की घटना के बाद विद्यालय प्रशासन को उक्त युवक के खिलाफ कार्रवाई के लिए आगे आने की जरूरत थी। लेकिन, विद्यालय प्रशासन द्वारा इस घटना से दूरी बनाकर प्रखंड शिक्षा कार्यालय में योगदान देने के निर्णय से ग्रामीणों में काफी आक्रोश पनप रहा है। एक मनचले युवक के कारण विद्यालय में नामांकित लगभग बारह सौ छात्र का शिक्षण कार्य बाधित हो गया है। विद्यालय प्रशासन अगर उक्त युवक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को मदद करता तो इस तरह के घटना करने वाले लोगों में डर होता। वहीं विद्यालय प्रधानाध्यापक गजेन्द्र कुमार के मोबाइल पर किसी नंबर से लगाने के बाद उधर से रांग नम्बर कहकर काट दिया जाता है। प्रधानाध्यापक से बात नहीं होने के कारण मामला उलझा हुआ है। स्थानीय प्रतिनिधि भी इस मामले में चुपी साधे हुए हैं।
