पड़ताल:नल जल योजना की जांच के लिए टीम का गठन
खगड़िया सांसद चौधरी महबूब अली कैसर ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र लिखकर सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के सलखुआ, सिमरी एवं सदर अनुमंडल के महिषी प्रखंड अंतर्गत तटबंध के भीतर एवं बाहर दर्जनों पंचायतों में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से किए गए नल जल योजना में अभियंताओं एवं कार्य एजेंसी के द्वारा लूटखसोट मामले की जांच की मांग की थी। सांसद ने अपने पत्र में विभागीय मिलीभगत से करोड़ों के गबन का आरोप लगाया था। उनके पत्र के आलोक में नल जल योजना की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। उल्लेखनीय हो कि सांसद के पत्र के आलोक में संयुक्त सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सांसद को दूसरा पत्र भेजकर धांधली वाले पंचायतों की सूची की मांग की थी। जिसके जवाब में सांसद ने 26 फरवरी को विभाग को लिखे पत्र में तीन प्रखंड सलखुआ, सिमरी बख्तियारपुर और महिषी में संचालित योजना की जांच की मांग की थी। सिमरी प्रखंड के अंतर्गत पंचायत मोहम्मदपुर, बेलवाड़ा ,पहाड़पुर ,बघवा, धनुपरा, कठडूमर, घोघसम, खजूरी, कांठो, रायपुरा, सिमरी, महखर, चकभारो, भटौनी, एवं सरडीहा शामिल है।
सलखुआ और महिषी के इन पंचायतों में गड़बड़ी की शिकायत
वही सलखुआ प्रखंड के मुबारकपुर, हरेवा, गोरदह, सीतूआहा, कोपरिया, अलानी, सांभरखुर्द, चानन तथा महिषी प्रखंड के महिषी उतरी, महिषी दक्षिणी, राजनपुर, सिरवार वीरवार एवं झारा पंचायत शामिल है, जहां योजना की जांच की आवश्यकता बतायी गयी। इस पत्र के आलोक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के संयुक्त सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता ने तीनों प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों में जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
पत्र जारी होने के बाद इंजीनियर व ठेकेदार में मचा हड़कंप
जिसकी जांच होना तय है। खुद सांसद चौधरी महबूब अली कैसर ने बताया कि संबंधित पंचायत के काफी संख्या में आम लोगों के द्वारा मुझे शिकायत की गयी थी कि मुख्यमंत्री सात निश्चय नल जल योजना में अभियंताओं व कार्य एजेंसी एवं संवेदक के द्वारा धांधली की गई है। जारी पत्र के बाद विभागीय इंजीनियरों एवं संवेदकों में हड़कंप मच गया है।
