इस बीच, पिता लेरू यादव ने स्थानीय थाना गोपालपुर में अपने बेटे हरिओम की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई थी. 3 मार्च 2021 को शव के मिलने की सूचना जैसे ही गोपालपुर थाने को मिला तो गोपालपुर पुलिस और कुर्सेला पुलिस दोनों खेरिया गंगा घाट पहुंची. इसके बाद लेरू यादव और परिजन भी पुलिस के साथ खेरिया गंगा घाट पहुंचा और गंगा घाट किनारे पड़ा क्षत-विक्षत शव को कब्जे में लिया.
हैरान करने वाली बात यह है कि शव को कुत्तों ने नोच कर खा लिया था और कंकाल मात्र बचा था. लेकिन इसके बावजूद बेटे हरिओम के शव को लेरू यादव ने पहचान लिया. शव की पहचान कर लेने के बाद खेरिया गंगा घाट से दोनों थानों की पुलिस ने अपने-अपने गाड़ी से मृतक के परिजन और पिता को यह कह कर छोड़कर चल दिया कि शव को लेकर थाना आ जाओ.
इसके बाद लेरू यादव को अपने बेटे के शव को ले जाने के लिए जब कोई वाहन या अन्य साधन नहीं मिला तो वह अपने परिजनों के साथ प्लास्टिक के बोरे में सड़ा गला बेटे के शव को भरकर हाथ में टांगे पैदल निकल पड़ा और 3 किलोमीटर तक पैदल ही चलता रहा. फिर कुर्सेला बाजार में किसी और साधन से गोपालपुर थाना के लिए निकल पड़ा. इतने देर तक दोनों थाने की पुलिस संवेदनहीन बनी रही, फिर थाने में पुलिस कागजी कार्रवाई और खानापूर्ति करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया गया.
इस अमानवीय दृश्य और घटना की सूचना के लिए जब कटिहार की पुलिस से पूछा गया तो कटिहार पुलिस ने घटना भागलपुर के गोपालपुर थानाक्षेत्र का होने की बात कहकर विस्तृत जानकारी वहां के पुलिस के द्वारा बता कर अपना पल्ला झाड़ती दिखी. हालांकि, बरामद हरिओम के शव को पिता लेरू यादव के द्वारा पहचान लेने की पुष्टि किया है. वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया है.
(इनपुट-राजीव रंजन)
