राज्य ब्यूरो, पटना: सरकार अगले महीने होने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं करेगी। राज्य मंत्रिमंडल की मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। नगर निकायों के पुनर्गठन के बाद तीन सौ से अधिक पंचायतें शहरी क्षेत्र में शामिल हो गई हैं। जिसके बाद माना जा रहा था कि पंचायतों के आरक्षण प्रविधानों में बदलाव होगा, लेकिन, सरकार ने पुराने आरक्षण प्रविधान पर ही चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले ही 300 से अधिक पंचायतों का पुनर्गठन कर सरकार ने नगर निकायों को वार्ड में शामिल कर दिया है। राज्य में करीब डेढ़ सौ नए नगर निकाय बनाए गए हैं। नए नगर निकायों के गठन के बाद माना जा रहा था कि डेढ़ सौ से पौने दो सौ वार्डों के आरक्षण के प्रविधान बदल जाएंगे। लेकिन आज की मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने ऐसा ना करने का फैसला लेते हुए पुराने प्रविधान के अनुरूप ही चुनाव कराने का फैसला लिया है। सूत्रों ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए निर्धारित आरक्षण प्रविधान 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इसके बाद ही इनमें कोई बदलाव हो सकेगा। सूत्रों ने बताया कि सरकार 10 चरणों में स्तरीय पंचायत चुनाव जिलेवार संपन्न कराने पर भी विचार कर रही है। चुनाव आयोग से मंजूरी मिलते ही पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
यह है आरक्षण का प्रविधान
* महिलाओं को 50 फीसद
* अति पिछड़ों को 26 फीसद
* एससी-एसटी को 16 फीसद
ईवीएम खरीद के लिए 122 करोड़ मंजूर
राज्य मंत्रिमंडल के एक फैसले से यह साफ हो गया है कि राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से ही कराए जाएंगे। ईवीएम खरीद से संबंधित मामला कोर्ट में जाने के कारण ऐसे कयास लग रहे थे कि सरकार बैलेट पेपर से पंचायत चुनाव करा सकती है। लेकिन सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में 90 हजार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन खरीदने का प्रस्ताव स्वीकृत किया साथ ही ईवीएम के लिए 122 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर कर दी है।
अनुदानित स्कूलों के लिए 842 करोड़
मंत्रिमंडल सूत्रों ने बताया कि आज की बैठक में शिक्षा विभाग के एक प्रस्ताव पर मंथन के बाद मंत्रिमंडल ने राज्य के अनुदानित स्कूलों के लिए 842 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस राशि में से 703 हाई स्कूल और 549 इंटर कॉलेजों को अनुदान का पैसा दिया जा सकेगा। स्कूलों को विगत तीन साल से अनुदान नहीं मिला था।
भोजपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 550 करोड़
मंत्रिमंडल ने भोजपुर में बनाए जा रहे भोजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 550 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। आज की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर विमर्श के बाद राशि जारी करने की सहमति दी गई।
साइकिल पोशाक के लिए हाजिरी में छूट
राज्य के सरकारी विद्यालयों में बढ़नेवाले बच्चों की पोशाक, किताब, साइकिल जैसी योजनाएं स्कूल में उपस्थिति की वजह से प्रभावित नहीं होगी। जिन बच्चों की स्कूल में 75 फीसद से कम उपस्थिति भी होगी उन्हें भी इस वर्ष साइकिल, पोशाक जैसी योजना का पैसा मिलेगा। मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।सरकारी स्कूल में बढ़ने वाले बच्चों को स्कूलों में 75 फीसद उपस्थिति रहने पर ही योजना का लाभ मिलता है। इस 2020 में लगातार कोरोना और लॉकडाउन की वजह से स्कूल तकरीबन 213 दिन बंद रहे। जिस वजह से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी प्रभावित हुई है। मंत्रिमंडल ने बच्चों की योजना प्रभावित ना हो इसके लिए 75 फीसद उपस्थिति के नियमों में एक साल की ढील दी है।
