मधेपुरा। सूबे का पहला वाद रहित गांव ध्रुवपट्टी बना है। इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने ध्रुवपट्टी के मुखिया व सरपंच को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। साथ ही जिले के अन्य गांवों के लोगों को इस गांव से सीख लेने की अपील की है। गांव के लोगों पर एक भी केस नहीं है। सभी मिलजुलकर रहते हैं। छोटे-मोटे विवाद होने पर आपस में ही गांव के लोग सुलझा लेते हैं। थाना व कोर्ट नहीं पहुंचने देते हैं।
मालूम हो कि जिले का दो गांव घैलाढ़ प्रखंड के ध्रुवपट्टी व चौसा प्रखंड के अरजपुर पश्चिमी पंचायत के मधुरापुर को वाद रहित गांव घोषित किया गया है। वाद रहित गांव घोषित होने पर विधिक जागरूकता शिविर सह प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
मौके पर जिला व सत्र न्यायाधीश ने कहा कि ध्रुवपट्टी गांव में 307 के तहत एक मामला वर्ष 2014 में दर्ज हुआ था। जो न्यायालय में लंबित था। इस संबंध में मुझे पता चला तो मामले का त्वरित सुनवाई करते हुए निष्पादन कर दिया गया। आज वाद रहित गांव ध्रुवपट्टी में आकर बहुत ही खुशी महसूस हो रहा है। वे यहां के लोगों से अपील करते हैं कि छोटे-मोटे मामलों को गांव स्तर पर सरपंच के न्यायालय में निष्पादन किया जाय। केस व मुकदमा से परिवार व गांव का विकास बाधित हो जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि ध्रुवपट्टीव मधुरापुर बिहार राज्य का पहला गांव है, जो वाद रहित है। यह काफी प्रसन्नता की बात है। आज की तारीख में श्रीनगर पंचायत के आदर्श ग्राम ध्रुवपट्टी व अरजपुर पश्चिमी पंचायत के मधुरापुर में एक भी मुकदमा व केस नहीं है। यहां के लोग अपनी सूझबूझ के साथ छोटी-मोटी समस्याओं का निराकरण स्वयं या बड़े बुजुर्गों के साथ में मिलजुलकर करते हैं। अन्य गांवों के सभी लोगों से अपील की गई कि इसी तरह मधेपुरा जिला के अन्य गांव वाद रहित हो इसके लिए प्रयास करें। एसपी ने कहा कि ध्रुवपट्टी व मधुरापुर गांव के वाद रहित होने पर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है।
