Kosi Live-कोशी लाइव SAHARSA:बलम गए परदेश, लेकर आए एड्स... सहरसा में इस तरह बढ़ रहा मरीजों का ग्राफ - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Tuesday, December 1, 2020

SAHARSA:बलम गए परदेश, लेकर आए एड्स... सहरसा में इस तरह बढ़ रहा मरीजों का ग्राफ


सहरसा। कुछ दिन पहले सदर अस्पताल में एक 25 साल का नौजवान दहाड़ मारकर रो रहा था। उसके साथ उसकी पत्नी भी सुबक रही थी। लेकिन, वे लोग किसी से कुछ भी बोल नहीं पा रहा था। काफी कुरेदने पर कहा कि एक गलती ने उनके और उनकी पत्नी की जिंदगी बर्बाद कर दी। अब जीने की तमन्ना ही खत्म हो गई है। उसके हौसले पूरी तरह पस्त हो गये थे। उसे एआरटी सेंटर में इलाज के लिए भेजा गया था। युवक कुछ दिन पहले दिल्ली से आया था और परदेश से एड्स के रूप में लाए सौगात अपनी पत्नी को भी दे दिया। तबीयत बिगड़ी तो इलाज कराया परंतु ठीक नहीं हो रहा था। चिकित्सक की सलाह पर जांच कराने के बाद पता चला कि उसे एड्स हो गया है।

संगत में पड़कर तबाह कर ली जिंदगी

युवक ने पूछने पर बताया कि वह मजदूरी करने दिल्ली गया था। जहां दोस्तो के साथ एक दिन रेड लाइट एरिया चला गया। उसके कुछ दिन के बाद घर लौटने पर उसकी तबीयत खराब हो गई। लगा कि बुखार व सर्दी है। परंतु ठीक नहीं हो पा रहा था। वजन भी लगातार कम होता जा रहा था। पत्नी भी बुखार से पीडि़त हो गई। जिसके बाद एक डॉक्टर ने जांच कराने को कहा। यहां जांच कराए तो पॉजिटिव निकला।

हर साल बढ़ रहे हैं मरीज

इलाके में एड्स रोगी की बात करें तो हर साल इसमें इजाफा हो रहा है। वर्ष 2015-16 में मरीज की संख्या 36 थी। वर्ष 2016-17 में भी मरीज की संख्या 36 ही रही। लेकिन वर्ष 2017-18 में मरीज की संख्या बढ़कर 39 हो गई। वर्ष 2018-19 में यह संख्या 40 हो गई जबकि 19-20 में अबतक यह आंकड़ा करीब 30 पर पहुंचा है।

नहीं खुला एआरटी सेंटर

सहरसा में एड्स पीडि़तों के समुचित इलाज के लिए एआरटी सेंटर खोलने की घोषणा हुई थी। परंतु केंद्र नहीं खुल पाया। यहां सिर्फ काउंसलिंग व जांच की व्यवस्था है। एआरटी सेंटर नहीं खुलने से मरीजों को दवा या अन्य इलाज के लिए खगडिय़ा जाना पड़ता है।