पटना। ठंड के दिनों में युवाओं में डिप्रेशन के मामले सर्वाधिक देखने को मिल रहे हैं। मनोविज्ञानियों के अनुसार युवाओं में बढ़ती डिप्रेशन की बीमारी का मुख्य कारण यह है कि वे छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर परेशान हो जाते हैं। उनके माता-पिता भी उन्हें उतना समय नहीं दे पाते, जितना उनमें आकांक्षा होती है। प्रस्तुत है डिप्रेशन के कारण, लक्षण व निदान पर एक रिपोर्ट-
ठंड के मौसम में ज्यादा होती है मानसिक बीमारी
मनोविज्ञानी बिंदा सिंह के अनुसार ठंड के मौसम में लोगों के बीच मानसिक बीमारी की परेशानी तेजी से बढ़ती है। वह बताती हैं, इस मौसम में लोगों का रूटीन पूरी तरह खराब हो जाता है।
फोन और इंटरनेट पर देखकर पता सकते है बीमारी
मनोविज्ञानी बिंदा कहती हैं, युवाओं में डिप्रेशन ज्यादा दिखने का सबसे बड़ा कारण यह है कि वे किसी भी बीमारी का इलाज फोन और इंटरनेट पर खोजने लगते हैं। उन्हें वहां पर समुचित इलाज तो मिलता नहीं, उल्टे वह खुद को बीमार समझने लगते हैं। मानसिक बीमार होने पर युवाओं को नींद नहीं आती और उन्हें भूख नहीं लगती है। इससे उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है। वे डिप्रेशन में आकर बाहरी दुनिया से विमुख हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें इधर-उधर इलाज खोजने के बजाय मनोविज्ञानी की सलाह लेनी चाहिए।
प्रेमी ने बतियाना बंद किया तो पिता की दवा खा की मरने की कोशिश
मनेर की रहने वाली एक लड़की का अपने प्रेमी से दो साल पुराना रिश्ता था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। इस कारण लड़के ने कुछ दिनों तक लड़की से बात करनी बंद कर दी। लड़की उस झगड़े से इस कदर परेशान हो गई कि उसने बात करने के तरह-तरह के बहाने खोजने शुरू कर दिए। जब किसी चीज से बात नहीं बनी तो उसने अपने पिता की रक्तचाप की दवा खाकर जिंदगी खत्म करनी चाही।
पढ़ाई नहीं हुई पूरी, अब लग रहा माता-पिता से डर
पटना सिटी के रहने वाले एक लड़के की दसवीं की परीक्षा है। लेकिन उसने अपनी पढ़ाई पूरी ही नहीं की थी। अब उसे डर लग रहा कि अगर वह फेल हो जाएगा तो उसके माता-पिता उससे बात नहीं करेंगे। इसके साथ उसे दोस्तों के साथ खेलने या घूमने जाने नहीं देंगे। इस कारण वह गुमसुम रहने लगा और उसे अज्ञात भय सताने लगा। एक दिन उसी डर के कारण उसने अपनी जिंदगी को खत्म करने की कोशिश की।
ऐसे करें बचाव
1. बात करें और मदद मांगें।
2. सेहतवर्धक खाना खाएं और रोजाना व्यायाम करें।
3. दोस्तों से जुड़ें और नकारात्मकता से दूर रहें।
4. अपने घर-परिवार व दोस्तों के साथ सुकून के पल बिताएं।
5. व्यर्थ की चिंता छोड़ पूरी नींद लेना चाहिए।
6. धूप लेना चाहिए और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
डिप्रेशन के लक्षण
ठीक से नींद न आना, हर समय उदास रहना, भूख कम लगना, अपराधबोध होना, थकान व सुस्ती लगना, आत्मविश्वास की कमी, एकाग्रता की कमी, आक्रामक व्यवहार, आत्महत्या करने की इच्छा होना।
