नई दिल्ली। फाइजर सहित तीन वैक्सीन-निर्माताओं ने भारत सरकार से कोरोना वैक्सीन के आपात उपयोग के लिए आवेदन किया है। जल्द ही सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद ये कोरोना वैक्सीन को लोगों को दी जाने लगेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि पूरे टीकाकरण कार्यक्रम का संचालन कैसे किया जाएगा। हालांकि इसकी अभी अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के लिए एक खास सॉफ्टवेयर को-विन तैयार किया गया है। इसमें कोरोना वैक्सीनेशन से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।
ऐप पर रजिस्ट्रेशन के लिए इन चीजों की होगी जरूरत
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि केंद्र ने एक एप्लिकेशन बनाया है जो प्रक्रिया की शुरुआत से लेकर अंत तक निगरानी करेगा। इस नए ऐप का नाम को-विन रखा गया है। यह लोगों के लिए फ्री है, कोई भी इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकता है। यह इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का उन्नत संस्करण है। को-विन साफ्टवेयर में लोगों के नाम, पते, आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज किए गए हैं।
उपलब्ध होगी रियल टाइम जानकारी
इस सॉफ्टवेयर के जरिए ही लोगों को कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण के लिए एसएमएस भेजे जाएंगे। इसमें वैक्सीनेशन का बूथ और टीका लगवाने का दिन और समय लिखा होगा। इसके बाद लोगों को निश्चित दिन और निश्चित समय पर टीकाकरण कराने के लिए आना होगा। बाकी बचे हुए लाभार्थियों से जुड़ी रियल टाइम जानकारी रहेगी। इसे रोजाना हर एक तय समय पर अपडेट किया जाएगा। अभी हेल्थ केयर वर्कर्स के आंकड़े जुटाने का काम चल रहा है।
ऐप के बारे में जानें ये बातें:
1- यह ऐप प्रक्रिया में लगे सभी लोगों के लिए उपयोगी होगा - प्रशासक, टीकाकारक और ऐसे लोग जो इन वैक्सीन शॉट्स को प्राप्त करने जा रहे हैं।
2- सरकार पहले तीन चरणों में वैक्सीनेशन करेगी, पहले चरण में सभी स्वास्थ्य पेशेवरों और दूसरे चरण में आपातकालीन वर्कर्स सहित फ्रंटलाइन कार्यकर्ता को टीका दिया जाएगा। इन लोगों का डेटा पहले से ही राज्य सरकारों द्वारा संकलित किया जा रहा है। तीसरे चरण से जहां सभी लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी। इसके लिए स्व-पंजीकरण शुरू किया जाएगा। यह Co-WIN ऐप के माध्यम से होगा।
3-को-विन ऐप में पांच मॉड्यूल हैं: एडमिनिस्ट्रेटर मॉड्यूल, पंजीकरण मॉड्यूल, टीकाकरण मॉड्यूल, लाभार्थी मॉड्यूल और रिपोर्ट मॉड्यूल। रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रत्येक टीकाकरण में कम से कम 30 मिनट का समय लगेगा और प्रत्येक सत्र में केवल 100 लोगों को डोज दिया जाएगा।
ये हैं वो पांच मॉड्यूल
4-प्रशासक मॉड्यूल उन प्रशासकों के लिए है जो इन टीकाकरण सत्रों का संचालन करेंगे। इन मॉड्यूल के माध्यम से, वे सत्र बना सकते हैं और संबंधित वैक्सीनेटर और प्रबंधकों को सूचित किया जाएगा।
5- पंजीकरण मॉड्यूल में लोग टीकाकरण के लिए पंजीकृत कर सकेंगे।
6-टीकाकरण मॉड्यूल लाभार्थी विवरण को सत्यापित करेगा और टीकाकरण की स्थिति को अद्यतन करेगा।
7-लाभार्थी मॉड्यूल लाभार्थियों को एसएमएस भेजेगा। टीके लगने के बाद यह क्यूआर-आधारित प्रमाणपत्र भी तैयार करेगा।
8-रिपोर्ट मॉड्यूल रिपोर्ट तैयार करेगा कि कितने टीका सत्र आयोजित किए गए हैं, कितने लोगों ने भाग लिया है, कितने लोग बाहर हो गए हैं आदि।
9-ऐप का डेटा केंद्र और राज्यों की एजेंसियों से अपडेट होगा इसके अलावा ऐप के जरिए देशभर में फैले 28,000 स्टोरेज सेंटर्स पर मौजूद स्टॉक का पता भी लग सकता है। ऐप की नजर टेम्प्रेचर लॉगर्स, वैक्सीन डिप्लॉयमेंट और कोल्ड चेन मैनेजर्स पर भी रहेगी।




