न्यूज डेस्क: बिहार में बहुत से जमीन ब्रोकर ऐसे हैं जो सरकारी जमीन को अपना बता कर उसे बेच देते हैं। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही साथ उन्हें आर्थिक नुकसान भी होता है। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे उन जमीनों के बारे में जो जमीन सरकारी माना जाता हैं। आप इसतरह के जमीन को भूलकर भी ना खरीदें।
बिहार में 5 तरह की जमीन है सरकारी।
1 .बकाश्त : बिहार मेंजमींदारी उन्मूलन के पूर्व जमींदारों ने अपने पास जो जोत की जमीन रखी उसे बकाश्त कही जाती है। ये जमीन सरकारी मानी जाती हैं।
2 .खास महाल: वैसी जमीन जिनपर मेला या हाट लगाया जाता है या फिर खाली रखा जाता है।
3 .गैर मजरुआ मालिक : अगर कोई व्यक्ति गैर मजरुआ मालिक है और उसे अपने अधीन किये है फिर भी वो जमीन सरकारी जमीन है।
4 .गैर मजरुआ आम: सार्वजनिक जमीन जिसका उपयोग सभी कर सकते हैं। इसे सरकारी जमीन कहा जाता हैं। इसतरह के जमीन भूलकर भी ना खरीदें।
5 .केसरे हिन्द: आपको बता दें की केसरे हिन्द की जमीन भारत सरकार की जमीन होती है। इसे सरकारी माना जाता हैं।
