सीतामढ़ी. जिले मे एक मुखिय़ा पति (husband of a mukhiya) के दबंगई और उसके तालिबानी फैसले के सामने पुलिस भी नतमस्तक बनी हुई है. मामला सीतामढ़ी प्रखंड (Sitamarhi Block) के रीगा प्रथंम पंचायत के मुखिया पति विन्देश्वर पासवान से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि उसने एक युवक को मामूली विवाद को लेकर पंचायत बुलाकर उसको दो सौ डंडे मारने का सजा सुना दी. भरी पंचायत में मुखिया पति के आदेश का लोगों ने पालन किया और एक विक्षिप्त युवक को बेरहमी से दो सौ डंडे मारे गए. बताया जा रहा है कि बेरहमी से पिटाई के बाद युवक सुशील साह की हालत पूरी तरीके से खराब हो गयी जिसे इलाज के स्थानीय पीएचसी मे भर्ती कराया गया. जहां उसकी हालत गंभीर होते देख उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है. फिलहाल पीड़ित युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. मिली जानकारी के अनुसार इलाज करवाने के उसके पास पैसे नहीं है. इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से आम लोग हैरान हैं. आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित युवक के द्वारा दर्ज शिकायत के आलोक मे आरोपी मुखिया पति पर किसी तरीके से कोई कार्रवाई करने के बजाय उसे थाने से ही बेल दे दिया. इतना ही नहीं मुखिया पति के बयान पर पीड़ित युवक और उसके परिवार वालो पर अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मामला दर्ज कर दिया. घटना से गुस्साए लोगों रीगा थाना के इमली बाजार को जाम कर दिया और बीमार युवक को रास्ते पर रखकर प्रदर्शन करने लगे. इतना ही नहींं आक्रोशित लोगों का जुलूस थाने में पहुचकर रीगा थानाध्यक्ष को संस्पेन्ड करने की मांग करने लगे. पुलिस के बयान के अनुसार भी युवक विक्षिप्त है फिर किस तरीके से बेगुनाह लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है. विक्षिप्त युवक का बस इतना ही कसूर है कि सुबह जब मुखिया पति गांव मे टहल रहा था. तब विक्षिप्त युवक ने मुखिया पति के सिर पर एक थप्पड़ जड़ दिया था. स्थानीय लोगों के अनुसार पीड़ित युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह अंतिम सांसें ले रहा है. पीड़ित युवक की मां राधिका देवी का कहना है कि पुलिस कोई कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसके परिवार को झूठे मुकदमें में फंसाने का काम किया गया है. पुलिस से भी न्याय मिलता दिखाई नहीं दे रहा है. सीतामढ़ी के सदर डीएसपी रामाकांत उपाध्याय ने कहा कि युवक विक्षिप्त है पुलिस को जानकारी है. दोनों तरफ से मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अनुसंधान कर रही है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.
सीतामढ़ी. जिले मे एक मुखिय़ा पति (husband of a mukhiya) के दबंगई और उसके तालिबानी फैसले के सामने पुलिस भी नतमस्तक बनी हुई है. मामला सीतामढ़ी प्रखंड (Sitamarhi Block) के रीगा प्रथंम पंचायत के मुखिया पति विन्देश्वर पासवान से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि उसने एक युवक को मामूली विवाद को लेकर पंचायत बुलाकर उसको दो सौ डंडे मारने का सजा सुना दी. भरी पंचायत में मुखिया पति के आदेश का लोगों ने पालन किया और एक विक्षिप्त युवक को बेरहमी से दो सौ डंडे मारे गए. बताया जा रहा है कि बेरहमी से पिटाई के बाद युवक सुशील साह की हालत पूरी तरीके से खराब हो गयी जिसे इलाज के स्थानीय पीएचसी मे भर्ती कराया गया. जहां उसकी हालत गंभीर होते देख उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है. फिलहाल पीड़ित युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. मिली जानकारी के अनुसार इलाज करवाने के उसके पास पैसे नहीं है. इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से आम लोग हैरान हैं. आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित युवक के द्वारा दर्ज शिकायत के आलोक मे आरोपी मुखिया पति पर किसी तरीके से कोई कार्रवाई करने के बजाय उसे थाने से ही बेल दे दिया. इतना ही नहीं मुखिया पति के बयान पर पीड़ित युवक और उसके परिवार वालो पर अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मामला दर्ज कर दिया. घटना से गुस्साए लोगों रीगा थाना के इमली बाजार को जाम कर दिया और बीमार युवक को रास्ते पर रखकर प्रदर्शन करने लगे. इतना ही नहींं आक्रोशित लोगों का जुलूस थाने में पहुचकर रीगा थानाध्यक्ष को संस्पेन्ड करने की मांग करने लगे. पुलिस के बयान के अनुसार भी युवक विक्षिप्त है फिर किस तरीके से बेगुनाह लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है. विक्षिप्त युवक का बस इतना ही कसूर है कि सुबह जब मुखिया पति गांव मे टहल रहा था. तब विक्षिप्त युवक ने मुखिया पति के सिर पर एक थप्पड़ जड़ दिया था. स्थानीय लोगों के अनुसार पीड़ित युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह अंतिम सांसें ले रहा है. पीड़ित युवक की मां राधिका देवी का कहना है कि पुलिस कोई कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसके परिवार को झूठे मुकदमें में फंसाने का काम किया गया है. पुलिस से भी न्याय मिलता दिखाई नहीं दे रहा है. सीतामढ़ी के सदर डीएसपी रामाकांत उपाध्याय ने कहा कि युवक विक्षिप्त है पुलिस को जानकारी है. दोनों तरफ से मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अनुसंधान कर रही है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.
