अररिया. जोकीहाट से असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी AIMIM के नव निर्वाचित विधायक शाहनवाज आलम (Shahnawaz Alam) को जान से मारने की धमकी मिली है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी, मां और बेटी के साथ गाली-गलौच एवं धक्का-मुक्की की गई है. कहा जा रहा है कि ये घटना जोकीहाट के सिसौना स्थित उनके आवास पर देर रात को हुई. उन्होंने पूर्व सांसद व जोकीहाट से राजद के विधायक प्रत्याशी सरफराज आलम (Sarfaraz Alam) पर धमकी देने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर जोकीहाट विधायक ने थाने में बड़े भाई व पूर्व सांसद सह राजद प्रत्याशी सरफराज आलम सहित 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है. इस बीच धमकी दिए जाने की घटना के बाद विधायक के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिसबल की तैनाती की गई है.
जानकारी के अनुसार वरीय अधिकारियों के द्वारा रात में ही विधायक आवास पर पहुंचकर मामले की जांच की गई.
बता दें कि जोकीहाट विधायक राजद प्रत्याशी सरफराज आलम के छोटे भाई हैं और चुनाव में सरफराज राजद से तो शाहनवाज AIMIM से चुनाव लड़े थे, जिसमें शाहनवाज जीते थे. दोनों ही सीमांचल के कद्दावर नेता रहे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वर्गीय तस्लीमुद्दीन के पुत्र हैं.
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को पार्टी से जीतकर आए विधायकों के टूटने का डर सता रहा है. यही वजह है कि AIMIM ने कई विधायकों को हैदराबाद में शिफ्ट कर दिया है. कहा जा रहा है कि जोड़-तोड़ की आशंका के बीच पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती.
गौरतलब है कि ओवैसी की AIMIM ने सीमांचल क्षेत्र में राजद नीत महागठबंधन के वोटों को भारी संख्या में प्रभावित किया और पांच सीटें भी जीतीं. AIMIM ने बिहार में 20 सीटों पर 'ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट' गठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के साथ चुनाव लड़ा था.ओवैसी की पार्टी ने किशनगंज की कोचाधामन व बहादुरगंज, पूर्णिया जिले की अमौर और बायसी तथा अररिया जिले की जोकीहाट सीट पर जीत दर्ज की थी. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में चार करोड़ से ज्यादा वोटिंग हुई थी और इनमें से 1.24 फीसद वोट एआईएमआईएम को मिले. बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा था और उसे सिर्फ 0.5 फीसदी मत ही हासिल हो पाया था.
बता दें कि जोकीहाट विधायक राजद प्रत्याशी सरफराज आलम के छोटे भाई हैं और चुनाव में सरफराज राजद से तो शाहनवाज AIMIM से चुनाव लड़े थे, जिसमें शाहनवाज जीते थे. दोनों ही सीमांचल के कद्दावर नेता रहे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वर्गीय तस्लीमुद्दीन के पुत्र हैं.
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को पार्टी से जीतकर आए विधायकों के टूटने का डर सता रहा है. यही वजह है कि AIMIM ने कई विधायकों को हैदराबाद में शिफ्ट कर दिया है. कहा जा रहा है कि जोड़-तोड़ की आशंका के बीच पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती.
गौरतलब है कि ओवैसी की AIMIM ने सीमांचल क्षेत्र में राजद नीत महागठबंधन के वोटों को भारी संख्या में प्रभावित किया और पांच सीटें भी जीतीं. AIMIM ने बिहार में 20 सीटों पर 'ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट' गठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के साथ चुनाव लड़ा था.ओवैसी की पार्टी ने किशनगंज की कोचाधामन व बहादुरगंज, पूर्णिया जिले की अमौर और बायसी तथा अररिया जिले की जोकीहाट सीट पर जीत दर्ज की थी. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में चार करोड़ से ज्यादा वोटिंग हुई थी और इनमें से 1.24 फीसद वोट एआईएमआईएम को मिले. बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा था और उसे सिर्फ 0.5 फीसदी मत ही हासिल हो पाया था.
